कानपुर पुलिस का मध्य प्रदेश में बड़ा छापा: 15 साल से फरार 2 इनामी जालसाज पिता-पुत्र गिरफ्तार, उज्जैन से दबोचे गए
लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले संजय अग्रवाल और राहुल अग्रवाल पर दर्ज हैं 24 मुकदमे
कानपुर। जनपद में लंबे समय से फरार चल रहे शातिर अपराधियों और इनामी जालसाजों की धरपकड़ के तहत kanpur police arrested fraudsters की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ी सफलता सामने आई है। कमिश्नरेट कानपुर नगर के दक्षिण जोन की पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से 15 वर्षों से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे इनामी पिता-पुत्र को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
उज्जैन के नानाखेड़ा से दबोचे गए दोनों इनामी
पुलिस उपायुक्त दक्षिण और अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिण के कुशल निर्देशन में थाना बर्रा पुलिस टीम ने 1 सितंबर 2026 को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और आधुनिक सर्विलांस के सहारे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस टीम ने मध्य प्रदेश के जिला उज्जैन अंतर्गत थाना नानाखेड़ा क्षेत्र में घेराबंदी कर 62 वर्षीय संजय अग्रवाल उर्फ संजीव राज गोयल और उसके 38 वर्षीय बेटे राहुल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी संजय अग्रवाल पर वर्ष 2011 में दर्ज जालसाजी के मुकदमे में ₹25,000 और ₹50,000 का इनाम घोषित था।
फर्जी एजेंसी बनाकर करते थे करोड़ों का खेल
पूछताछ में पुलिस को आरोपियों के ठगी के तरीके का पता चला। आरोपी फर्जी रोड क्रॉस नोटिस के नाम से एजेंसी संचालित करते थे और सीधे बैंक ग्राहकों को अपने जाल में फंसाते थे। वे ग्राहकों को बैंकों से 3 लाख रुपये तक का आसान लोन दिलाने का झांसा देते थे। लोन स्वीकृत कराने की प्रक्रिया के नाम पर ग्राहकों से चेक और बैंक ड्राफ्ट ले लिए जाते थे, जिन्हें आरोपी अपने खातों में जमा कराकर पूरी रकम हड़प लेते थे। इसके बाद न तो पीड़ितों को लोन मिलता था और न ही उनकी गाढ़ी कमाई वापस मिलती थी।
दर्ज हैं 24 मुकदमे, भेजा गया जेल
kanpur police arrested fraudsters की इस कार्रवाई के बाद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी संजय अग्रवाल का पुराना और लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ कानपुर नगर के अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना के कुल 24 मुकदमे दर्ज हैं। बर्रा थाना पुलिस दोनों आरोपियों को उज्जैन से कानपुर लेकर आई और कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण कर सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।



