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रसूलाबाद अग्निकांड: दबंगों ने फूंका आशियाना, आंखों के सामने घर जलता देख सदमे से गई वृद्धा की जान; घंटों हंगामे के बाद शांत हुए परिजन
असालतगंज रजऊ गांव में तनाव के बाद मौके पर पहुंचीं विधायक पूनम संखवार और भारी पुलिस बल; आरोपियों की गिरफ्तारी, मुआवजे और जमीन के दाखिला-खारिज के आश्वासन पर उठा शव।

रसूलाबाद (कानपुर देहात): कोतवाली क्षेत्र के ग्राम असालतगंज रजऊ में दबंगों की बर्बरता के चलते एक 60 वर्षीय वृद्धा की दर्दनाक मौत हो गई। दबंगों द्वारा पुश्तैनी बंगले में लगाई गई आग और जलती गृहस्थी को देखकर लक्ष्मी देवी गहरा सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकीं और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया और आक्रोशित परिजनों ने मुआवजे व कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर घंटों तक शव नहीं उठने दिया। देर शाम मौके पर पहुंचीं क्षेत्रीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों के ठोस आश्वासन के बाद ही परिजन शांत हुए।
रजऊ गांव निवासी पूजा पत्नी विनोद कुमार द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, गांव के ही दबंग सौरभ और रामकिसुन ने उनके पुश्तैनी बंगले में आग लगा दी थी। आग की लपटों ने पल भर में पूरी गृहस्थी को राख के ढेर में तब्दील कर दिया। अपनी आंखों के सामने आशियाने को जलता देख 60 वर्षीय वृद्धा लक्ष्मी देवी (पत्नी सोबरन लाल) को इतना गहरा सदमा लगा कि हृदय गति रुकने से उनकी जान चली गई।
घटना के बाद भड़के परिजनों और ग्रामीणों ने शव को उठाने से इनकार करते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों की स्पष्ट मांग थी कि मृतका की मौत के मामले में दर्ज मुकदमे में गंभीर धाराएं बढ़ाई जाएं, जिस जमीन पर उनका कब्जा था उसे सरकारी कागजों में पीड़ित परिवार के नाम दर्ज कर दाखिला-खारिज किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और अग्निकांड से हुए भारी नुकसान का उचित सरकारी मुआवजा दिलाने की भी मांग रखी।
मामले की नजाकत और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए मैथा उपजिलाधिकारी (SDM) प्रतिभा मिश्रा, रसूलाबाद तहसीलदार पंकज उपाध्याय, क्षेत्राधिकारी (CO) आलोक चौधरी और कोतवाल शिवनारायण सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसी बीच सूचना पाकर भोगनीपुर-रसूलाबाद क्षेत्र की भाजपा विधायक पूनम संखवार भी लोधी समाज के प्रमुख नेताओं के साथ पीड़ित परिवार का समर्थन करने गांव पहुंच गईं।
विधायक पूनम संखवार और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा परिजनों की सभी जायज मांगों को नियमानुसार जल्द से जल्द पूरा कराने का लिखित व मौखिक आश्वासन दिया गया। इस भरोसे के बाद ही परिजन शव का पंचायतनामा भरने के लिए राजी हुए, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।



