यूपीटेट-2026:72 हजार प्रत्यावेदनों पर आयोग का कड़ा फैसला, ओएमआर रिजेक्शन और सामान्यीकरण की मांग खारिज, केवल प्रमाण-पत्र सुधार की मिली अनुमति
जब ओएमआर तक सही से भरना नहीं आता तो कैसे बनेंगे मास्टर

राजेश कटियार, प्रयागराज/कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटेट)-2026 के परीक्षा परिणाम में संशोधन को लेकर आंदोलन कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से बड़ा झटका लगा है। आयोग ने परीक्षा परिणाम से जुड़े प्राप्त 72 हजार प्रत्यावेदनों की समीक्षा के बाद अपना अंतिम और कड़ा निर्णय सुनाते हुए अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों को खारिज कर दिया है।
आयोग की 6 सदस्यीय उच्चस्तरीय जाँच समिति की रिपोर्ट के आधार पर ओएमआर शीट रिजेक्शन, सामान्यीकरण (नॉर्मलाइजेशन) और उत्तर कुंजी में फेरबदल से जुड़ी मांगों को अस्वीकार कर दिया गया है।
ओएमआर त्रुटियों पर कोई राहत नहीं
अनुक्रमांक या प्रश्न पुस्तिका श्रेणी भरने में हुई गलतियों में सुधार की मांग को खारिज करते हुए आयोग ने स्पष्ट किया कि ऑटोमेटेड मूल्यांकन प्रणाली के तहत ऐसी ओएमआर शीट का मूल्यांकन संभव नहीं है।
सामान्यीकरण और उत्तर कुंजी में बदलाव से इंकार
अलग-अलग पालियों के प्रश्न पत्रों के कठिनाई स्तर को संतुलित करने के लिए इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर-आधारित वैज्ञानिक सूत्र को सही ठहराते हुए आयोग ने अंकों में किसी भी बदलाव से साफ इंकार कर दिया।
प्रमाण-पत्र सुधार के लिए ऑनलाइन मौका
आयोग ने केवल सफल अभ्यर्थियों को राहत देते हुए उनके नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि या श्रेणी में हुई अशुद्धियों को सुधारने के लिए जल्द ही अपने वेब पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू करने का फैसला लिया है।



