यूपी : लगातार गायब रहने वाले शिक्षामित्रों की संविदा होगी समाप्त
उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों पर एक बार फिर से बड़ी प्रशासनिक कार्यवाही होने जा रही है।लगातार गायब रहने वाले शिक्षामित्रों की संविदा समाप्त हो सकती है।

कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों पर एक बार फिर से बड़ी प्रशासनिक कार्यवाही होने जा रही है।लगातार गायब रहने वाले शिक्षामित्रों की संविदा समाप्त हो सकती है। राज्य में करीब 1550 शिक्षामित्रों की संविदा समाप्त करने की प्रक्रिया गतिमान है। इन सभी पर आरोप है कि वे बिना कारण अवैतनिक अवकाश पर रहकर स्कूल से गैरहाजिर थे और निजी कार्यों में संलिप्त पाए गए हैं।
अवैतनिक अवकाश के सहारे नौकरी-
ये ऐसे शिक्षामित्र हैं जो अवैतनिक अवकाश के सहारे नौकरी चला रहे हैं जो स्कूल न जाकर दूसरे कामों में संलिप्त हैं। उत्तर प्रदेश में महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने बड़ी कार्यवाही करते हुए शिक्षामित्रों की संविदा समाप्त करने की बात कही है। महानिदेशक कंचन वर्मा ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के जितने भी शिक्षामित्र हैं जो अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित चल रहे हैं, उनके खिलाफ तत्काल चिन्हित कर फौरन नोटिस भेजने का काम किया जाए।
उनके खिलाफ जांच भी हो और अगर जांच में सत्यता पाई जाती है तो 5 दिनों के अंदर बीएसए द्वारा उनकी संविदा समाप्त करने की कार्यवाही की जाए। बता दें शिक्षामित्रों की संविदा कुछ नियमों और शर्तों पर आधारित होती है। यदि कोई शिक्षामित्र उन नियमों और शर्तों का उल्लंघन करता है तो उसकी संविदा समाप्त की जा सकती है। लगातार अनुपस्थित रहना एक ऐसा उल्लंघन है जिसके कारण संविदा समाप्त की जा सकती है। उदाहरण के लिए यदि किसी शिक्षामित्र को बिना किसी सूचना या उचित कारण के लगातार कई दिनों तक अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जा सकती है जिसमें संविदा समाप्ति भी शामिल है।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि शिक्षामित्रों की संविदा समाप्ति का निर्णय एक प्रक्रिया के तहत किया जाता है जिसमें संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच और सुनवाई शामिल होती है हालांकि लगातार अनुपस्थित रहने जैसे उल्लंघन के मामले में संविदा समाप्ति का निर्णय लिया जा सकता है।



