राजपुर: अवैध मछली कारोबार का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार और लाखों की प्रतिबंधित मछली जब्त
राजपुर थाना पुलिस ने मंगलवार, 23 जून 2025 को खरका यमुना नदी घाट पर अवैध रूप से मछली पकड़ने और बेचने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

कानपुर देहात: राजपुर थाना पुलिस ने मंगलवार, 23 जून 2025 को खरका यमुना नदी घाट पर अवैध रूप से मछली पकड़ने और बेचने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 15 थर्माकोल पैकिंग बक्से में भरी लगभग 2 क्विंटल प्रतिबंधित मछली और मछली से भरा एक सीजर लोडर (UP 92 AT 4752) जब्त किया है। जब्त की गई मछली की कीमत 21,000 रुपये आंकी गई है।
छापेमारी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
थानाध्यक्ष कालीचरन, हेड कांस्टेबल सनवेद सिंह, हेड कांस्टेबल सुरेंद्र नाथ, हेड कांस्टेबल गजेंद्र प्रताप सिंह और चालक हेड कांस्टेबल जयकुमार के साथ गश्त पर थे, तभी उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि खरका यमुना नदी से अवैध तरीके से मछली मारकर एक लोडर में भरकर बेची जा रही है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम तत्काल खरका यमुना नदी घाट पहुंची, जहां कुछ लोग एक लोडर में थर्माकोल के बक्सों में मछली और बर्फ भर रहे थे।
पुलिस ने लोडर के पास खड़े तीन व्यक्तियों से पूछताछ की और उनकी तलाशी ली। उन्होंने अपनी पहचान सुनील (उम्र 38 वर्ष, निवासी जरी किशुनपुर, राजपुर, कानपुर देहात), अभिषेक निषाद (उम्र 20 वर्ष, निवासी खरका, राजपुर, कानपुर देहात) और पप्पू (उम्र 54 वर्ष, निवासी शेरपुर गुढ़ा, कालपी, जालौन) के रूप में बताई।
पूछताछ में तीनों ने बताया कि वे अमर सिंह और असलम उर्फ टेगन के साथ मिलकर रात में मछली पकड़ते हैं और बेचने से मिले पैसे बराबर बांट लेते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अमर सिंह और असलम उर्फ टेगन पुलिस को देखकर मौके से फरार हो गए।
इसके बाद, लोडर के चालक सीट पर बैठे व्यक्ति से पूछताछ की गई, जिसने अपनी पहचान आजाद सिंह (उम्र 27 वर्ष, निवासी खरका, राजपुर, कानपुर देहात) के रूप में बताई। उसने बताया कि वह लोडर का मालिक है और उसे भाड़े पर बुलाया गया था। वह लोडर के कागजात दिखाने में असमर्थ रहा।
मत्स्य विभाग की पुष्टि और कानूनी कार्रवाई
थानाध्यक्ष ने तत्काल जिला मत्स्य अधिकारी, कानपुर देहात को सूचित किया। थोड़ी देर बाद मत्स्य अधिकारी सुनील कुमार मौके पर पहुंचे और बताया कि पकड़ी गई मछली भारतीय मेजर कार्प प्रजाति की रोहू/कॉमन कार्प है, जो जून, जुलाई और अगस्त माह में पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
पकड़े गए चारों अभियुक्तों को भारतीय मत्स्य क्षेत्र अधिनियम 1897 की धारा 6/7 के तहत उनके अपराध से अवगत कराया गया और शाम 6:05 बजे पुलिस हिरासत में ले लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग के आदेशों का पूरी तरह से पालन किया गया। गिरफ्तारी की सूचना अभियुक्तों के परिजनों को थाने पहुंचकर दी जाएगी।
मछली की नीलामी और लोडर जब्त
बरामद मछली को राजपुर थाने लाया गया, जहां मत्स्य अधिकारी सुनील कुमार की मौजूदगी में 2 क्विंटल मछली की नीलामी की गई। बोली मु. शारिफ, हरिशंकर और मनीष कटियार द्वारा लगाई गई, जिसमें मु. शारिफ ने 21,000 रुपये की अंतिम बोली लगाकर मछली खरीदी।
थानाध्यक्ष द्वारा फर्द तैयार की गई और सभी संबंधित पक्षों (हमराह पुलिसकर्मी, जिला मत्स्य अधिकारी सुनील कुमार और अभियुक्त) के हस्ताक्षर लिए गए। जब्त किए गए लोडर को ई-चालान ऐप के माध्यम से मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत जब्त करने का प्रयास किया गया, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण ऐसा नहीं हो सका। तत्पश्चात, उपनिरीक्षक गुरेंद्र प्रताप सिंह द्वारा ई-चालान ऐप के माध्यम से लोडर को जब्त कर थाने परिसर में संतरी पहरा की निगरानी में खड़ा कराया गया।



