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कानपुर देहात जेल में बंदियों ने सीखा हुनर: बाइक मैकेनिक और सिलाई का मिला सर्टिफिकेट, अब बनेंगे आत्मनिर्भर

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नूपुर श्रीवास्तव ने बांटे प्रमाण-पत्र, जेल का किया औचक निरीक्षण और सुनीं बंदियों की समस्याएं।

Kanpur Dehat Jail Skill Training के माध्यम से अब जेल की सलाखों के पीछे बंद कैदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव की नई किरण दिखाई दे रही है। जनपद न्यायाधीश के निर्देशन में दीक्षालय फाउंडेशन के सहयोग से संचालित आत्मनिर्भर कौशल विकास केंद्र योजना के तहत बंदियों को विभिन्न व्यवसायों का प्रशिक्षण दिया गया। मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नूपुर श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले पुरुष और महिला बंदियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बंदियों को जेल से बाहर निकलने के बाद रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

बाइक मैकेनिक और सिलाई का मिला प्रशिक्षण
इस विशेष कार्यक्रम के दौरान पुरुष बंदियों को बाइक मैकेनिक का तकनीकी ज्ञान दिया गया, जबकि महिला बंदियों को सिलाई और कढ़ाई के गुर सिखाए गए। सचिव नूपुर श्रीवास्तव ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि सजा काटने के बाद जब वे समाज में वापस जाएं, तो उनके पास एक हुनर होना चाहिए जिससे वे अपना और अपने परिवार का सम्मानजनक तरीके से भरण-पोषण कर सकें। उन्होंने बंदियों को आत्मनिर्भर बनने और अपराध की दुनिया को हमेशा के लिए छोड़कर एक नई शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया।

जेल का औचक निरीक्षण और विधिक सहायता
प्रमाण-पत्र वितरण के साथ ही सचिव ने जिला कारागार का आकस्मिक निरीक्षण भी किया और विधिक शिविर का आयोजन किया। उन्होंने बंदियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके रहने-खाने और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल प्रशासन को कड़े निर्देश दिए कि ऐसे बंदी जो आर्थिक तंगी के कारण अपना निजी अधिवक्ता करने में असमर्थ हैं, उन्हें तत्काल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए।

प्रशासनिक उपस्थिति
इस अवसर पर जेलर, उपजेलर और जेल के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। सचिव ने जेल की साफ-सफाई और बंदियों के मानवाधिकारों के संरक्षण के प्रति भी सतर्कता बरतने की बात कही। Kanpur Dehat Jail Skill Training जैसी पहल न केवल बंदियों के मानसिक तनाव को कम करती है, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने का अवसर भी प्रदान करती है।

 


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