शिक्षिकाओं को योगी सरकार का बड़ा तोहफा: 3 अक्टूबर को जिउतिया व्रत और 29 को करवा चौथ पर विशेष अवकाश
परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों की महिला शिक्षकों को राहत, बिना मानसिक तनाव के मना सकेंगी आस्था के पर्व
कानपुर देहात। अक्टूबर का महीना उत्तर प्रदेश की महिला शिक्षकों के लिए दोहरी खुशियों की सौगात लेकर आया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षिकाओं की आस्था और परंपरा का सम्मान करते हुए up teachers holiday के तहत विशेष अवकाश की घोषणा की है। शासन के इस संवेदनशील निर्णय से महिला शिक्षक अब अपनी संस्कृति और परंपरा के प्रमुख व्रत-त्योहारों को बिना किसी भागदौड़ और मानसिक दबाव के पूरे उत्साह व सुकून के साथ मना सकेंगी।
3 अक्टूबर को जिउतिया व्रत और 29 अक्टूबर को करवा चौथ का अवकाश
जारी व्यवस्था के अनुसार प्रदेश भर के विद्यालयों में पढ़ाने वाली महिला शिक्षकों को 3 अक्टूबर 2026 (शनिवार) को संतान की दीर्घायु और मंगलकामना के लिए रखे जाने वाले जिउतिया व्रत और 29 अक्टूबर (गुरुवार) को सुहाग के पावन पर्व करवा चौथ के अवसर पर विशेष अवकाश प्रदान किया जाएगा। इस दौरान महिला शिक्षकों को स्कूल में उपस्थिति से पूरी छूट रहेगी। लंबे समय से महिला शिक्षक संगठनों द्वारा इन पारंपरिक पर्वों पर अवकाश घोषित करने की मांग उठाई जा रही थी, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
तनावमुक्त होकर पूरी कर सकेंगी पूजा की रस्में
आमतौर पर व्रत और त्योहार के दिनों में सुबह के समय कठिन निर्जला उपवास रखने के साथ-साथ समय पर विद्यालय पहुंचने और अध्यापन कार्य संभालने में शिक्षिकाओं को अत्यधिक शारीरिक व मानसिक थकान का सामना करना पड़ता था। कई बार दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात शिक्षिकाओं के लिए समय पर घर लौटकर शाम की पूजा व धार्मिक अनुष्ठान पूरा करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता था। अब शासन द्वारा विधिवत अवकाश दिए जाने से शिक्षिकाएं बिना किसी तनाव के अपने धार्मिक अनुष्ठान और व्रत की परंपराएं पूरी कर सकेंगी।
वर्क-लाइफ बैलेंस और महिला सशक्तिकरण की मिसाल
शिक्षा विभाग के इस कदम को महिला सशक्तिकरण और कामकाजी महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है। सरकार के इस निर्णय से शिक्षिकाओं को अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों और पेशेवर दायित्वों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने में मदद मिलेगी। त्योहारों के उपरांत वे नई ऊर्जा और सकारात्मकता के साथ कक्षाओं में लौटकर शिक्षण कार्य को गति प्रदान कर सकेंगी। up teachers holiday के इस फैसले का जिलेभर के शिक्षक संघों और शिक्षिकाओं ने खुले दिल से स्वागत किया है।



