कानपुर देहात: नई बिल्डिंग तैयार फिर भी पुरानी में इलाज चिलौली के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
अधिकारियों के 'नए साल' वाले निर्देशों की उड़ाई गई धज्जियां।

कानपुर देहात के डेरापुर ब्लॉक अंतर्गत चिलौली गांव में सरकारी तंत्र की बड़ी लापरवाही सामने आई है। करोड़ों की लागत से बना नवनिर्मित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय सफेद हाथी साबित हो रहा है। अधिकारियों के कड़े निर्देशों के बावजूद इस वर्ष भी अस्पताल को नई बिल्डिंग में शिफ्ट नहीं किया जा सका है, जिससे क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।
नए साल के वादे हुए हवा-हवाई
हैरानी की बात यह है कि उच्चाधिकारियों ने नए वर्ष की शुरुआत में ही अस्पताल को नए भवन से संचालित करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। लेकिन साल बीतने को है और अब तक उन आदेशों पर रत्ती भर भी अमल नहीं हुआ है। फिलहाल अस्पताल पुरानी और जर्जर व्यवस्थाओं के बीच ही सांस ले रहा है, जबकि नई चमचमाती बिल्डिंग धूल फांक रही है।
ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा
सरकारी संसाधनों की इस अनदेखी को लेकर गांव के प्रबुद्ध नागरिकों ने अब आवाज बुलंद करना शुरू कर दिया है। अनूप तिवारी, राजकुमार गुप्ता, अभय यादव उर्फ लल्ला और शिव सिंह यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से दो टूक मांग की है कि जल्द से जल्द अस्पताल को नई बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जब भवन बनकर तैयार है, तो जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित क्यों रखा जा रहा है?
संसाधनों की बर्बादी पर उठे सवाल
ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि नई बिल्डिंग का उपयोग न होना सरकारी धन और संसाधनों का सीधा अपमान है। चिलौली और आसपास के दर्जनों गांवों के लोग इस आयुर्वेदिक चिकित्सालय पर निर्भर हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही संचालन शुरू नहीं हुआ, तो वे उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराएंगे।
यी भी पढ़े- कानपुर देहात: बीजेपी में ‘बगावत’ की ज्वाला रसूलाबाद में कार्यकर्ताओं का खुला विद्रोह



