आरोप: 108 एंबुलेंस स्टाफ की अनदेखी से घायल महिला ने तोड़ा दम
परिजनों ने लगाया इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन पर घोर लापरवाही का आरोप, जांच के आदेश दिए।

कानपुर देहात के माती क्षेत्र में सड़क हादसे में घायल एक वृद्ध महिला की उपचार के दौरान मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक के परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसके चलते रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया।
परिजनों का गंभीर आरोप
हरचंदापुर गांव की निवासी केशकली उर्फ बसंती देवी (राजेश कुमार की पत्नी) शनिवार की दोपहर गजनेर चौराहे पर ट्रैक्टर की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उन्हें ग्रामीणों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। स्थिति गंभीर होने के कारण, डॉक्टरों ने उन्हें 108 एंबुलेंस (संख्या यूपी 32 ईजी 4289) से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस में मौजूद इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (EMT) ने न केवल परिवार की महिलाओं को वाहन में घायल के पास बैठने से मना किया, बल्कि अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह न करते हुए ड्राइवर के बगल में बैठकर बातें करते रहे। उनका कहना है कि देखरेख के अभाव में महिला ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से घायल महिला को जिस स्टाफ की देखरेख और प्राथमिक उपचार देना था, उसने पूरी तरह से लापरवाही बरती।
नोडल अधिकारी ने दिए जांच के आदेश
इस पूरे प्रकरण के संबंध में एंबुलेंस सेवा के नोडल अधिकारी और डिप्टी सीएमओ डॉक्टर आदित्य सचान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि वह पूरे मामले की जांच कराएंगे और दोषी व्यक्ति के विरुद्ध हर हाल में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़े- मिशन शक्ति 5.0: नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, कानपुर देहात पुलिस की त्वरित कार्रवाई



