कानपुर देहात: संविलियन विद्यालय राजपुर में सीडीओ का औचक छापा, बच्चों की कम उपस्थिति और संसाधनों के अभाव पर भड़के अधिकारी
बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रुचिकर शिक्षा प्रदान की जाए: मुख्य विकास अधिकारी

कानपुर देहात: मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल द्वारा आज जनपद के संविलियन विद्यालय राजपुर का औचक निरीक्षण किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने विद्यालय के सभी कक्षाओं का निरिक्षण किया, निरिक्षण के समय विद्यालय के प्रधानध्यापक इंद्र सिंह उपस्थित मिले इसके अतिरिक्त सभी सहायक अध्यापक भी मौके उपस्थित थे।
वहीं विद्यालय में 148 छात्र छात्राओं का पंजीकरण हुआ है जिसके सापेक्ष मात्र 71 छात्र/छात्रायें उपस्थित पाए गए उन्होंने प्रधानध्यापक को निर्देश दिए कि बच्चों की शतप्रतिशत उपस्थित सुनिश्चित की जाए साथ ही विद्यालय में उपस्थित होने वाले सभी छात्र/छात्राएं पूरी ड्रेस में ही आये। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में संचालित शैक्षिक गतिविधियों, व्यवस्थाओं एवं साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के समय मुख्य विकास अधिकारी ने कक्षाओं में जाकर बच्चों से बातचीत की तथा उनकी शैक्षिक गुणवत्ता का आकलन किया।
उन्होंने अध्यापकों को निर्देशित किया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रुचिकर शिक्षा प्रदान की जाए, जिससे उनकी बौद्धिक क्षमता एवं सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, मिड-डे मील व्यवस्था, पाठ्य सामग्री तथा विद्यालय में उपलब्ध अन्य सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। वहीं विद्यायल में बाल शिक्षण अधिगमन सामग्री नहीं मिली जिस पर उन्होंने संबंधित सहायक अध्यापिका को निर्देश दिए कि सभी कक्षाओं में सामग्री उपलब्ध रहे अन्यथा संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। विद्यालय परिसर में बाल मैत्री पेंटिंग न होने पर प्रधानध्यापक को फटकार लगाते हुये तत्काल कराये जाने तथा स्पष्टीकरण प्राप्त किए जाने के दिए निर्देश।
मुख्य विकास अधिकारी ने विद्यालय परिसर की साफ-सफाई पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि विद्यालय परिसर, कक्षाओं, शौचालयों एवं पेयजल व्यवस्था को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखा जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय स्टाफ को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही उन्होंने अभिभावकों के साथ समन्वय स्थापित कर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने पर बल दिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी एवं विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।



