कानपुर के उद्यमियों से सीधा संवाद, मंत्री राकेश सचान ने समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा
उद्यमियों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान के लिए आज कानपुर में "उद्यम संवाद" कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी परेशानियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर उद्यमी की समस्या का त्वरित समाधान करना है

कानपुर नगर। उद्यमियों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान के लिए आज कानपुर में “उद्यम संवाद” कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी परेशानियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर उद्यमी की समस्या का त्वरित समाधान करना है। आईआईए भवन में आयोजित इस कार्यशाला में मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका लक्ष्य एमएसएमई क्षेत्र को इतना मजबूत बनाना है कि वह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सके। उन्होंने उद्यमियों को आश्वासन दिया कि उनके सुझावों को सरकारी नीतियों में शामिल किया जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार समाधान-केंद्रित कार्यसंस्कृति को बढ़ावा दे रही है ताकि किसी भी उद्यमी को अकेले संघर्ष न करना पड़े।
आईआईए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील वैश्य ने कार्यक्रम में उद्यमियों की कई प्रमुख समस्याओं को सामने रखा। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा गृहकर की दोबारा मांग, बिजली की आपूर्ति में ट्रिपिंग और गलत बिल, औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी और भूमि उपयोग परिवर्तन में आने वाली अड़चनें उद्योगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
इस पर अपर मुख्य सचिव एमएसएमई आलोक कुमार ने आईआईए की सर्वेक्षण रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए कहा कि इस पर जल्द ही एक ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी। मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन ने भी कहा कि उद्योगों की समस्याओं पर तेजी से काम हो रहा है।
आईआईए के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने बताया कि एमएसएमई उद्योगों की कठिनाइयों पर एक राज्यव्यापी सर्वेक्षण किया गया है। इसी सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर एक विस्तृत ज्ञापन मंत्री राकेश सचान और अपर मुख्य सचिव को सौंपा गया है, जिसमें उद्यमियों की वास्तविक स्थिति को तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत किया गया है।
कार्यशाला में उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और आईआईए के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन हर्षल अग्रवाल ने किया और तरुण खेत्रपाल ने आभार व्यक्त किया।



