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राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (NSI) की प्रायोगिक चीनी मिल में ‘ब्वायलर पूजन’ के साथ पेराई सत्र का शंखनाद

राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (NSI), कानपुर में आगामी पेराई सत्र की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए शनिवार को संस्थान परिसर स्थित प्रायोगिक चीनी मिल (Experimental Sugar Factory) में 'ब्वायलर पूजन' का भव्य आयोजन किया गया

कानपुर। राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (NSI), कानपुर में आगामी पेराई सत्र की तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए शनिवार को संस्थान परिसर स्थित प्रायोगिक चीनी मिल (Experimental Sugar Factory) में ‘ब्वायलर पूजन’ का भव्य आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ ब्वायलर में अग्नि प्रज्जवलित की गई, जिसमें संस्थान के अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में शिरकत की।

दुनिया में अद्वितीय है संस्थान की प्रशिक्षण सुविधा: निदेशक

संस्थान की निदेशक प्रो. सीमा परोहा ने पूजन कार्यक्रम के उपरांत शर्करा तकनीकी (Sugar Technology) प्रथम वर्ष के छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्थान की यह प्रायोगिक चीनी मिल न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व में तकनीकी प्रशिक्षण का एक अनूठा केंद्र है।

प्रो. परोहा ने कहा, “संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ छात्रों को गन्ने की पेराई (केन कैरियर) से लेकर चीनी के निर्माण और उसकी बोरियों में पैकिंग तक की पूरी प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का मौका मिलता है। ऐसी भौतिक सुविधा विश्व में अन्यत्र दुर्लभ है।”

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इन्होंने संभाली मुख्य भूमिका

पूजन कार्यक्रम में निदेशक प्रो. सीमा परोहा के साथ सहायक आचार्य (शर्करा अभियांत्रिकी) श्री संजय चौहान और सहायक आचार्य (शर्करा प्रौद्योगिकी) श्री महेन्द्र कुमार यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे, जो वर्तमान पेराई सत्र की पूरी कमान संभाल रहे हैं।

गणमान्य जनों की उपस्थिति

इस अवसर पर प्रो. अशोक कुमार, डॉ. विनय कुमार, श्री अनूप कुमार कनौजिया, डॉ. अनंत लक्ष्मी रंगनाथन, श्री अजय कुमार अवस्थी सहित फैक्ट्री और मौसमी कर्मियों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम का संचालन और मीडिया समन्वय मीडिया प्रभारी श्री अखिलेश कुमार पांडेय द्वारा किया गया।

मुख्य आकर्षण:

वैदिक रीति से हवन: सत्र की निर्विघ्न सफलता के लिए अग्नि प्रज्जवलन और आहुतियां दी गईं।

प्रायोगिक प्रशिक्षण: छात्रों को मिल के संचालन के दौरान ‘हैंड्स-ऑन’ अनुभव मिलेगा।

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Author: anas quraishi

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