कानपुर

शपथपत्रों की सत्यापित प्रतियां बनीं साक्ष्य, एसआइटी को गृह मंत्रालय से मिले रंगनाथ मिश्र आयोग के दस्तावेज

कानपुर में शासन के आदेश पर गठित एसआइटी सिख विरोधी दंगों की जांच कर रही है। अबतक पीड़ित परिवारों को ढूंढने के बाद उनसे मिलकर बयान दर्ज कर चुकी है। रंगनाथ आयोग के पास मौजूद शपथपत्रों की प्रतियां भी हासिल कर ली हैं।

कानपुर,अमन यात्रा। सिख विरोधी दंगे के बाद गठित रंगनाथ मिश्र आयोग के पास मौजूद पीड़ितों के 135 शपथपत्रों की सत्यापित प्रति आखिरकार एसआइटी को मिल गई हैं। अब ये प्रतियां सिख विरोध दंगे में हत्या व डकैती के मामलों में अहम सुबूत बन गए हैं, क्योंकि वारदात के बाद पीड़ितों ने इसमें आंखों देखी घटना और दंगाइयों के नाम बताए थे।

सिख विरोधी दंगे के बाद दौरान केंद्र सरकार की ओर से गठित रंगनाथ मिश्र आयोग के सामने पीड़ित परिवारों के सदस्यों व चश्मदीदों ने शपथपत्र दिए थे। बावजूद इसके उस दौरान पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं कि थी। हत्या व डकैती के 29 मामलों में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। दो वर्ष पूर्व शासन की ओर से गठित एसआइटी इन्हीं मामलों की जांच कर रही है। एसआइटी ने पिछले दिनों दिल्ली जाकर हत्या व डकैती वाले मुकदमों से संबंधित 135 शपथपत्र ढूंढे थे।

सूत्रों के मुताबिक इनमें 250 से ज्यादा आरोपितों के नामों का जिक्र है।शनिवार शाम इन शपथपत्रों की सत्यापित प्रति गृह मंत्रालय ने एसआइटी को उपलब्ध करा दी। एसआइटी के एसपी बालेंदु भूषण ने बताया कि टीम ने दिल्ली जाकर शपथपत्रों की सत्यापित कॉपी ले ली है। यह बतौर सुबूत कोर्ट में पेश की जाएगी। 135 शपथपत्रों में तमाम व्यक्तियों पर दंगे के दौरान हत्या व डकैती का आरोप है। इन सुबूतों के आधार पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

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