साहित्य जगत
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बाजार में आग और जख्मों पर नमक!
बाजार में आग लगी हुई है — महंगाई की आग। एक सप्ताह के अंदर ही प्याज के भाव दुगुने हो…
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कान्हा की मुरली की तान और मनमोहक बाल लीलाएं, आल्हा तर्ज पर पढ़िए यह भक्तिमय रचना
मनमोहन की मधुर मुरलिया, सुनि-सुनि गैया रही रंभाय। श्याम-बरण प्रभु रूप मोहिनी, मैया देखि-देखि मुस्काय॥ ग्वालन संग गइयन के पीछे,…
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बहुत याद आए, अब साजन तुम्हारी l
बहुत याद आए, अब साजन तुम्हारी l कई रातें तुम्हारे बिना, हमने गुजारी I तुम गए हो कहां, ये हम…
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पर्यावरण दिवस है क्या हरियाली बचाओगे, सोच कर यह दिल में क्या पौधे लगाओगे
पर्यावरण दिवस है क्या हरियाली बचाओगे I सोच कर यह दिल में क्या पौधे लगाओगे I I तोड़ रहे जंगल…
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स्मार्ट मीटर बनाम उपभोक्ता अधिकार; तकनीक के दौर में मिली अधिकारों की नई रोशनी
देश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1 अप्रैल 2026 की तारीख एक ऐतिहासिक मोड़ के रूप में दर्ज हो गई…
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भेड़िया क्या कभी शाकाहारी हो सकता है ?
सांस्कृतिक भारत का इतिहास बताता है कि संप्रभु भारत की संप्रभुता एवं अखंडता को किसने किसने और कब कब और…
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जीवन में निरंतरता ही सार्थक है
मनुष्य के जीवन में लगन और विश्वास के साथ किए गए कार्यों से या तो जीत मिलती है या हार…
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कोच्चि में भारतीय सांस्कृतिक कांग्रेस के कुछ पहलू
आज पूरे भारत में धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील सांस्कृतिक कार्यकर्ता अलगाव की भावना से जूझ रहे हैं। पहले प्रगतिशील लेखक एवं…
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नववर्ष के स्वागत की अनोखी परंपरा: कोलंबिया की ‘ला मालेता’
संसार के हर कोने में नववर्ष के स्वागत की अपनी-अपनी रंगत है; कहीं रोशनी से आकाश जगमगा उठता है, कहीं…
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“पर्वत श्रृंखला अरावली”
यह पर्वत श्रृंखला विशाल अरावली है, हर भारतीय के लिए खुशियली हैं। गुजरात से दिल्ली तक फैली इसकी हरियाली है,…
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