गीत
पर्यावरण दिवस है क्या हरियाली बचाओगे, सोच कर यह दिल में क्या पौधे लगाओगे
सांसे हैं जीवन की वृक्ष कुदरत से पाए हैं , बचाने को जिंदगी जो पौधे हमने लगाए है l

पर्यावरण दिवस है क्या हरियाली बचाओगे I
सोच कर यह दिल में क्या पौधे लगाओगे I I
तोड़ रहे जंगल हम विकास के नाम पर I
बेच रहे वृक्षों को हम मोटे-मोटे दाम पर I
दशकों का पोषण पल भर में गमाओगे I I
सोच कर यह दिल में क्या पौधे लगाओगे I I 1Il
सांसे हैं जीवन की वृक्ष कुदरत से पाए हैं l
बचाने को जिंदगी जो पौधे हमने लगाए है l
सींच कर उनको जीवन अपना सजाओगे I I
सोच कर यह दिल में क्या पौधे लगाओगे I I 2Il
संकल्प हो आज यह हरीतिमा बढ़ाएंगे I
पाने को ऑक्सीजन खूब पौधे लगाएंगे I
पर्यावरण सुरक्षा जीवन का लक्ष्य बनाओगे
सोच कर यह दिल में क्या पौधे लगाओगे I I 3l l
मौलिक एवं स्वरचितरामसेवक वर्माविवेकानंद नगर पुखरायां कानपुर देहात उत्तर प्रदेश.
