किशाऊ परियोजना पर ऐतिहासिक समझौता: 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने मिलाया हाथ, दिल्ली-यूपी को मिलेगा बड़ा लाभ
अमित शाह की मौजूदगी में दशकों पुराना जल विवाद खत्म, टोंस नदी पर बनेगा 232 मीटर ऊंचा बांध और बुझेगी करोड़ों की प्यास।
Kishau Dam Project Agreement पर उत्तर भारत के छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हस्ताक्षर कर दशकों से लंबित जल विवाद को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया है। मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, हिमाचल के सुखविंदर सिंह सुक्खू, राजस्थान के भजन लाल शर्मा, दिल्ली की रेखा गुप्ता और हरियाणा के नायब सिंह सैनी ने इस समझौते पर मुहर लगाई। अमित शाह ने इसे ‘संवाद से समाधान’ के मंत्र की बड़ी जीत बताया और कहा कि यह समझौता टीम इंडिया के मूल मंत्र का उत्तम उदाहरण है।
परियोजना की तकनीकी और आर्थिक बारीकियां
इस समझौते के तहत उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर बहने वाली टोंस नदी पर 232.6 मीटर ऊंचा कंक्रीट ग्रेविटी डैम बनाया जाएगा। इस बांध में 1,562 मिलियन क्यूबिक मीटर जल का संग्रहण किया जा सकेगा। Kishau Dam Project Agreement के क्रियान्वयन से न केवल 97 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा, बल्कि 1,476 मिलियन यूनिट स्वच्छ जलविद्युत का उत्पादन भी होगा। केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया है, जिसके तहत कुल लागत का 90 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार वहन करेगी।
दिल्ली और यमुना के लिए वरदान
गृह मंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस परियोजना से सबसे बड़ा लाभ दिल्ली को होने वाला है। किशाऊ परियोजना से आने वाला 25 प्रतिशत अतिरिक्त जल दिल्ली की पेयजल समस्या को हल करेगा और यमुना के पर्यावरणीय प्रवाह को बनाए रखने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि जब यमुना स्वच्छ होगी, तभी प्रयागराज में गंगा की स्वच्छता का स्वप्न पूरा होगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अन्य राज्यों के सहयोग से यमुना शुद्धिकरण के कार्य को अब नई गति मिलेगी।
जल विवादों के समाधान का कालखंड
अमित शाह ने बताया कि 2018 से 2026 तक का समय जल विवादों को सुलझाने के स्वर्णिम युग के रूप में जाना जाएगा। लखवार, रेणुकाजी, केन-बेतवा लिंक और अब किशाऊ परियोजना जैसे 10 बड़े विवादों को आपसी सहमति से सुलझाया जा चुका है। उन्होंने जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि लंबे समय से अटकी इन योजनाओं के पूरा होने से करोड़ों लोगों को पीने का पानी, बिजली और कृषि के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे।



