18 किमी पैदल चलकर आई थी फरियादी: अब खुद घर पहुंचे डीएम, पक्का मकान और योजनाओं से बदली रिंकी की जिंदगी
पति की मौत और दिव्यांग बेटी के पालन-पोषण से जूझ रही महिला को मिला रोजगार, बेटी ने यूनिट टेस्ट में किया टॉप
कानपुर। एक संपूर्ण समाधान दिवस से दूसरे समाधान दिवस के बीच kanpur dm rinki mishra मामले में प्रशासन की संवेदनशीलता की मिसाल सामने आई है। करीब दो माह पूर्व अपनी फरियाद लेकर 18 किलोमीटर पैदल चलकर तहसील पहुंचने वाली बेसहारा महिला के दरवाजे पर शनिवार को खुद जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह पहुंचे। डीएम को अपने सामने देख रिंकी मिश्रा के चेहरे पर संतोष और मुस्कान दिखाई दी। कभी छप्पर और अभावों के बीच गुजर-बसर करने वाली रिंकी के घर अब पक्के मकान की दीवारें आकार ले रही हैं।
18 किमी पैदल चलकर बिना प्रार्थना पत्र के पहुंची थी घाटमपुर
विदित हो कि 18 जुलाई को घाटमपुर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस संपन्न होने के बाद जब जिलाधिकारी अपनी गाड़ी की ओर बढ़ रहे थे, तभी बिरसिंहपुर निवासी रिंकी मिश्रा बदहवास हालत में उनके पास पहुंची थी। हाथों में प्रार्थना पत्र न होने के बावजूद उसने अपनी पीड़ा बयां की थी। 10 वर्ष पूर्व पति राजीव मिश्रा की मृत्यु के बाद वह 16 वर्षीय पूर्णतः दिव्यांग बेटी और 14 वर्षीय छोटी बेटी अदिति के लालन-पालन के लिए संघर्ष कर रही थी। डीएम ने तत्काल संज्ञान लेते हुए उसी दिन एसडीएम घाटमपुर अबिचल प्रताप सिंह को गांव भेजा था।
kanpur dm rinki mishra के घर पहुंचे प्रशासनिक मुखिया, देखी निर्माण प्रगति
19 सितंबर को पुन: संपूर्ण समाधान दिवस था, लेकिन इस बार रिंकी को तहसील जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह खुद उसके गांव बिरसिंहपुर पहुंचे। डीएम की पहल पर जनसहयोग से रिंकी का पक्का मकान तैयार कराया जा रहा है, जिसकी दीवारें खड़ी हो चुकी हैं और छत ढलने वाली है। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता परखी और परिवार से बातचीत कर उनका कुशलक्षेम जाना।
कल्याणकारी योजनाओं का कवच और मिला नियमित रोजगार
प्रशासन की सक्रियता से रिंकी का अंत्योदय राशन कार्ड, रसोई गैस कनेक्शन, निराश्रित महिला पेंशन और आयुष्मान कार्ड बन चुका है। दिव्यांग बेटी का यूडीआईडी कार्ड जारी कराकर उसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा गया है। सबसे बड़ा संबल उसे गांव के प्राथमिक विद्यालय में रसोइया के पद पर तैनाती से मिला, जिससे उसके पास अब नियमित आमदनी का जरिया है।
बेटी ने यूनिट टेस्ट में किया टॉप, बोली- बनूंगी डीएम
विपरीत हालातों के बीच छोटी बेटी अदिति की पढ़ाई न छूटे, इसके लिए डीएम ने उसका दाखिला पंडित राम यश मेमोरियल एजुकेशन सेंटर में कराकर फीस जमा कराई थी। कक्षा सात की छात्रा अदिति ने यूनिट टेस्ट में प्रथम स्थान हासिल कर मां का सिर गर्व से ऊंचा किया। डीएम से बातचीत में अदिति ने कहा कि वह बड़ी होकर उन्हीं की तरह डीएम बनेगी और जरूरतमंदों की मदद करेगी। kanpur dm rinki mishra का यह बदलाव प्रशासनिक जवाबदेही का अनुपम उदाहरण बन चुका है।



