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कानपुर देहात में दर्दनाक हादसा: कच्चा मकान ढहने से मलबे में दबकर मां-बेटी की मौत
मैथा तहसील के नवल गांव में शनिवार-रविवार रात हुआ दर्दनाक हादसा; मलबे में दबकर वकील बेटी और बुजुर्ग मां ने गंवाई जान, परिजनों ने लगाया प्रधान पर अनदेखी का आरोप।

शिवली: मैथा तहसील क्षेत्र के नवल गांव में शनिवार-रविवार की मध्य रात्रि एक बड़ा हादसा हो गया। रात करीब एक बजे एक पुश्तैनी कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे में मलबे में दबने से 75 वर्षीय शांति देवी और उनकी 28 वर्षीय पुत्री शालू की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के वक्त मां-बेटी मकान के अंदर सो रही थीं। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर परिजन और आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़े। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों को मलबे से बाहर निकाला गया। हालांकि, तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं। शिवली कोतवाल अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।
संपत्ति की वसीयत और पारिवारिक पृष्ठभूमि
जानकारी के अनुसार, मृतका शालू पेशे से वकील थीं और अपनी मां शांति देवी के साथ इस पुश्तैनी कच्चे मकान में अलग रहती थीं। उनके दो भाई पास में ही बने अलग-अलग मकानों में रहते हैं। परिजनों ने बताया कि शालू ने अपने पिता की मृत्यु से पहले जमीन की वसीयत अपने नाम करा ली थी, जिसके चलते दोनों भाइयों को जमीन नहीं मिली थी। हालांकि, मकान गिरने की इस दुखद घटना और जमीन विवाद के बीच किसी भी तरह का संबंध होने की फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रधान पर अनदेखी का आरोप
शालू के भाई राजेश घटना के समय रायबरेली में थे। उनके अनुसार, रात में उनकी बेटी ने फोन किया था लेकिन नींद में होने के कारण वह फोन नहीं उठा सके। सुबह करीब सात बजे बात होने पर उन्हें इस त्रासदी की जानकारी मिली। राजेश ने आरोप लगाया है कि मकान काफी जर्जर हो चुका था और इस संबंध में कई बार ग्राम प्रधान से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं।



