जूता-चप्पल की दुकान में मरीजों का इलाज: स्वास्थ्य विभाग के छापे से मची भगदड़, शटर गिराकर भागे झोलाछाप
मुंगीसापुर में दुकान की आड़ में चल रहा था क्लिनिक, अधीक्षक पुनीत पाण्डेय ने दी सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
कानपुर देहात। जनपद के डेरापुर और मुंगीसापुर क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने झोलाछाप डॉक्टरों और बिना पंजीकरण चल रहे चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ derapur illegal clinic धरपकड़ अभियान चलाया। रविवार को चलाए गए इस औचक निरीक्षण के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां मुंगीसापुर कस्बे में एक जूता-चप्पल की दुकान के भीतर मरीजों का इलाज किया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से पूरे इलाके के अवैध संचालकों में हड़कंप मच गया।
जूता-चप्पल की दुकान में चल रहा था इलाज का खेल
मुंगीसापुर में निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम जब एक जूता-चप्पल की दुकान पर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी दंग रह गए। दुकान के अंदर बाकायदा मरीजों को बैठाकर दवाएं दी जा रही थीं और उनका इलाज चल रहा था। टीम ने मौके पर सघन पड़ताल की और किसी भी प्रकार की चिकित्सीय डिग्री अथवा वैध पंजीकरण न मिलने पर संबंधित संचालक को नोटिस जारी कर दिया। इसके साथ ही मौके पर चल रही अवैध चिकित्सीय गतिविधियों को तुरंत बंद कराया गया।
शटर गिराकर भागे झोलाछाप, बाजार में मची खलबली
derapur illegal clinic की जांच टीम की भनक लगते ही डेरापुर व मुंगीसापुर बाजार में हड़कंप मच गया। कई अवैध पैथोलॉजी लैब और कथित क्लिनिक संचालक अपनी-अपनी दुकानों के शटर आनन-फानन में गिराकर मौके से खिसक गए। कुछ ही देर में गलियों में चल रहे कई अवैध चिकित्सा केंद्र वीरान नजर आने लगे। विभाग ने मौके से बंद पाए गए संदिग्ध ठिकानों की सूची तैयार कर ली है ताकि आगे उन पर नजर रखी जा सके।
अधीक्षक की दो टूक: अवैध संचालन बंद करें वरना होगी जेल
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डेरापुर के अधीक्षक पुनीत पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में बिना पंजीकरण क्लिनिक या पैथोलॉजी लैब चलाने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सभी अवैध संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि वे तत्काल प्रभाव से अपना संचालन बंद कर दें। यदि जांच के दौरान कोई भी व्यक्ति मानव जीवन के साथ खिलवाड़ करता पाया गया तो उसके खिलाफ विधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी संचालक की होगी। derapur illegal clinic के खिलाफ यह सघन अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।



