स्कूली वाहनों पर बीएसए का कड़ा प्रहार: बिना पुलिस वेरिफिकेशन और महिला अटेंडेंट के नहीं दौड़ेंगे वाहन, नियम तोड़े तो होंगे सीज
हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में ट्रांसपोर्ट सेफ्टी कमेटी का गठन अनिवार्य, सभी बीईओ को भौतिक सत्यापन के सख्त निर्देश
कानपुर देहात। स्कूली छात्र-छात्राओं की दैनिक यात्रा को सुरक्षित और दुर्घटनामुक्त बनाने के उद्देश्य से school cab safety को लेकर जिला प्रशासन व बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़े तेवर अपना लिए हैं। उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ द्वारा जनहित याचिका में दिए गए आदेशों और परिवहन विभाग की अधिसूचनाओं का शत-प्रतिशत पालन कराने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने जनपद के समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बीएसए ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि बच्चों की सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले स्कूल प्रबंधकों और वाहन स्वामियों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ट्रांसपोर्ट सेफ्टी कमेटी का गठन अनिवार्य, तैनात होगी महिला अटेंडेंट
नए आदेश के तहत जनपद के प्रत्येक निजी व मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान में स्कूल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी कमेटी का गठन करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह कमेटी रोजाना वाहनों के संचालन और सुरक्षा मानकों पर नजर रखेगी। बच्चों के सुरक्षित सफर को पुख्ता करने के लिए प्रत्येक स्कूली वाहन में एक अटेंडेंट की तैनाती अनिवार्य की गई है। इसके साथ ही विशेष निर्देश दिए गए हैं कि जिस भी वाहन में छात्राएं यात्रा कर रही होंगी, उसमें हर हाल में एक महिला अटेंडेंट की मौजूदगी सुनिश्चित करनी होगी।
चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन और फिटनेस जरूरी
प्रशासन ने डग्गामार और अनफिट वाहनों पर पूरी तरह रोक लगाने की रूपरेखा तैयार कर ली है। बिना वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट, बीमा और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र के किसी भी स्कूली वाहन को सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्कूल प्रबंधन को अपने सभी वाहन चालकों का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन कराकर उसका रिकॉर्ड तैयार करना होगा। यह पूरी सूची बेसिक शिक्षा विभाग को भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि किसी भी आपराधिक छवि वाले व्यक्ति को स्कूली वाहन चलाने की अनुमति न मिल सके।
नियम तोड़े तो एआरटीओ करेंगे सीज, बीईओ करेंगे भौतिक निरीक्षण
बीएसए ने स्पष्ट किया है कि यदि संयुक्त चेकिंग के दौरान किसी भी स्कूल वाहन में मानकों का उल्लंघन पाया गया, तो सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) कानपुर देहात को सूचित कर संबंधित वाहन को तुरंत सीज कराया जाएगा और भारी जुर्माना लगाया जाएगा। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने विकास खंड में कक्षा 1 से 8 तक संचालित समस्त मान्यता प्राप्त विद्यालयों का तत्काल भौतिक निरीक्षण करें और तय प्रारूप पर शपथ-पत्र व आख्या जिला कार्यालय को उपलब्ध कराएं। school cab safety को लेकर जारी इस आदेश से नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल प्रबंधकों में खलबली मच गई है।



