69000 शिक्षक भर्ती के बीएड शिक्षकों के लिए मांगी स्पेशल लीव: राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बीएसए को सौंपा पत्र, ब्रिज कोर्स के लिए 10 दिन का अवकाश देने की मांग
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एनआईओएस से हो रहा 6 माह का अनिवार्य प्रशिक्षण, संपर्क कक्षाओं में शामिल होने के लिए उठाई आवाज
कानपुर देहात। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में 69000 teacher recruitment के अंतर्गत नियुक्त बी.एड. अर्हताधारी शिक्षकों के अनिवार्य प्रशिक्षण को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने आवाज उठाई है। महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र सौंपकर एनआईओएस के माध्यम से संचालित किए जा रहे छह माह के प्राथमिक संवर्धन ब्रिज कोर्स की कक्षाओं और परीक्षाओं में शामिल होने के लिए शिक्षकों को 10 दिवसीय विशेष अवकाश (स्पेशल लीव) प्रदान करने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में हो रहा ब्रिज कोर्स
महासंघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार शुक्ला और जिला महामंत्री सुनील कुमार द्वारा बीएसए को सौंपे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत बीएड डिग्रीधारक शिक्षकों के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) के जरिए छह महीने का ब्रिज कोर्स पूरा करना कानूनी रूप से अनिवार्य किया गया है। जनपद कानपुर देहात में 69000 भर्ती के तहत ऐसे कई शिक्षक पदस्थापित हैं, जिन्होंने इस अनिवार्य कोर्स के लिए विधिवत पंजीकरण कराया है और वर्तमान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
10 निर्धारित तिथियों के लिए मांगी गई विशेष छूट
पत्र में उल्लेख किया गया है कि इस अनिवार्य कोर्स की निर्धारित रूपरेखा के तहत ऑनलाइन प्रशिक्षण, संपर्क कक्षाएं और परीक्षाएं 29 सितंबर, 1 अक्टूबर, 6 अक्टूबर, 8 अक्टूबर, 13 अक्टूबर, 15 नवंबर, 22 नवंबर, 27 नवंबर, 3 नवंबर और 5 नवंबर 2026 को आयोजित की जा रही हैं। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यह ब्रिज कोर्स शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और निर्धारित न्यूनतम अर्हता से जुड़ी अपरिहार्य प्रक्रिया है। यदि उन्हें इन तिथियों पर विशेष अवकाश की सुविधा नहीं दी गई, तो शिक्षकों के सामने विभागीय उपस्थिति और अनिवार्य कक्षाओं में से किसी एक को छोड़ने का गंभीर असमंजस पैदा होगा।
सहानुभूतिपूर्वक विचार कर आदेश जारी करने की अपील
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बेसिक शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से आग्रह किया है कि शिक्षकों के भविष्य और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की महत्ता को देखते हुए इस मामले में तत्काल सकारात्मक निर्णय लिया जाए। पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि बीएसए स्तर से जल्द ही आवश्यक आदेश निर्गत किए जाएंगे, जिससे कि 69000 teacher recruitment से जुड़े सभी शिक्षक बिना किसी मानसिक दबाव और प्रशासनिक अड़चन के अपना अनिवार्य प्रशिक्षण सुगमता से पूर्ण कर सकें।



