कर्मचारी भविष्य निधि सूचना में लापरवाही पर शासन का कड़ा प्रहार: सभी बीएसए को अंतिम चेतावनी, तत्काल तलब की गई रिपोर्ट
महानिदेशक मोनिका रानी और अपर परियोजना निदेशक ने दिखाई सख्ती, 28 सितंबर के आदेश के बाद भी रिपोर्ट न भेजने पर नाराजगी
लखनऊ/कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) से जुड़े मामलों में हीलाहवाली बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ शासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। up basic education epf report warning के तहत महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी एवं अपर परियोजना निदेशक राजेंद्र प्रसाद ने प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए लंबित मामलों की पूरी रिपोर्ट तत्काल निर्धारित प्रारूप पर तलब की है।
28 सितंबर के निर्देश के बावजूद सूचना न देना घोर लापरवाही
अपर परियोजना निदेशक राजेंद्र प्रसाद द्वारा प्रदेश के सभी जनपदों के बीएसए को भेजे गए सख्त अनुस्मारक पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि बीती 28 सितंबर को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाने के बाद भी अधिकांश जिलों द्वारा अब तक वांछित सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है। शासन ने इसे घोर प्रशासनिक लापरवाही करार दिया है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि कर्मचारी भविष्य निधि से जुड़े किसी भी प्रकरण में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी लंबित मामलों का विवरण तुरंत राज्य परियोजना कार्यालय को भेजा जाए।
अपर मुख्य सचिव व सभी जिलाधिकारियों को भेजी गई पत्र की प्रति
मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर पर इसकी सघन समीक्षा शुरू कर दी गई है। जारी किए गए सख्त पत्र की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश शासन के बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के साथ-साथ सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को भी भेजी गई है, जिससे सीधे प्रशासनिक जवाबदेही तय की जा सके। इसके साथ ही सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों (एडी बेसिक) को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने मंडल के जिलों की व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा करें और प्रभावी अनुश्रवण करते हुए पूरा डाटा बिना किसी विलंब के राज्य मुख्यालय को उपलब्ध कराएं। up basic education epf report warning के इस कड़े कदम से लापरवाह अधिकारियों में खलबली मच गई है।



