विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा कल : परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों को मिला 1 दिन का विशेष अवकाश, बेसिक शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला
प्रदेश के 6 मंडलों के 131 केंद्रों पर 70 हजार शिक्षक व स्पेशल एजुकेटर देंगे इम्तिहान, बीएसए आशीष कुमार पांडेय ने दी जानकारी
कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत सेवारत शिक्षकों और स्पेशल एजुकेटरों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत भरी खबर सामने आई है। special tet exam teachers leave के अंतर्गत 3 नवंबर मंगलवार को आयोजित होने वाली विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (स्पेशल टीईटी) में शामिल होने वाले सभी शिक्षकों को परीक्षा के दिन एक दिन का विशेष अवकाश प्रदान किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में विधिवत आदेश जारी कर दिए हैं, जिससे परीक्षा देने वाले शिक्षकों को सुगमता मिल सके।
6 मंडल मुख्यालयों के 131 केंद्रों पर 70 हजार शिक्षक होंगे शामिल
यह विशेष पात्रता परीक्षा प्रदेश के 6 प्रमुख मंडल मुख्यालयों लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, गोरखपुर और मेरठ के कुल 131 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। इस परीक्षा में प्रदेशभर से लगभग 70 हजार सेवारत शिक्षक और स्पेशल एजुकेटर भाग ले रहे हैं। परीक्षा केंद्रों पर शुचिता और सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। प्रदेश के ऐसे कुल 1.41 लाख शिक्षकों में से करीब 80 हजार शिक्षक हाल ही में आयोजित हुई सामान्य टीईटी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर चुके हैं। सेवारत शिक्षकों और स्पेशल एजुकेटरों को टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक की अंतिम समय-सीमा प्रदान की गई है।
बीएसए आशीष कुमार पांडेय ने जारी किए निर्देश
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कानपुर देहात आशीष कुमार पांडेय ने बताया कि शासन और विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुपालन में 3 नवंबर को आयोजित विशेष टीईटी परीक्षा में सम्मिलित होने वाले जनपद के सभी पात्र सेवारत शिक्षकों एवं स्पेशल एजुकेटरों को एक दिन का विशेष अवकाश दिया जाएगा। special tet exam teachers leave के इस निर्णय से लंबी दूरी तय कर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने वाले शिक्षकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।



