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यूपी के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट पढ़ाई का नया खाका: शिक्षकों के हाईटेक प्रशिक्षण के लिए 4.62 करोड़ रुपये जारी, बैगलेस डे और आईसीटी पर जोर

विज्ञान व गणित के नवनियुक्त शिक्षकों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग, कानपुर देहात बीएसए बोले—आधुनिक तौर-तरीकों से सुधरेगा शिक्षा का स्तर

राजेश कटियार, लखनऊ/कानपुर देहात। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों को कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर हाईटेक और व्यावहारिक शिक्षा का केंद्र बनाने की दिशा में शासन ने बड़ा कदम उठाया है। up basic education teacher training budget के तहत समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2026-27 के अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से लैस करने के लिए 461.69500 लाख रुपये (लगभग 4.62 करोड़ रुपये) की वित्तीय लिमिट जारी करने की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति दे दी गई है। इस धनराशि से जनपदों में शिक्षकों और संदर्भदाताओं के लिए वृहद प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

आईसीटी, बैगलेस डे और प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग का मिलेगा प्रशिक्षण

स्वीकृत वित्तीय बजट का उपयोग प्रशिक्षण सत्रों में प्रतिभाग करने वाले शिक्षकों एवं रिसोर्स पर्सन (संदर्भदाताओं) के स्टेशनरी, शिक्षण सामग्री तथा आनुषंगिक व्ययों की प्रतिपूर्ति के लिए किया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की मुख्य धुरी परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को आधुनिक और व्यावहारिक रूप देना है। इसके अंतर्गत विद्यालयों में स्थापित आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास के प्रभावी संचालन, शनिवार को आयोजित होने वाले ‘बैगलेस डे’ की रोचक गतिविधियों तथा प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के लिए चयनित नोडल अध्यापकों को गहन तकनीकी व व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

नवनियुक्त विज्ञान और गणित शिक्षकों को दी जाएगी आरंभिक ट्रेनिंग

शासन की इस कार्ययोजना में परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में हाल ही में नियुक्त हुए विज्ञान और गणित विषय के शिक्षकों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। इन शिक्षकों को आधुनिक प्रयोगात्मक शिक्षण विधियों, गणितीय किट के उपयोग और विज्ञान प्रयोगों को सरल तरीके से समझाने के लिए आरंभिक इंडक्शन ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे नई शिक्षण पद्धतियों को सहजता से अपनाकर कक्षा-कक्ष में विद्यार्थियों की बुनियादी समझ को मजबूत कर सकें। राज्य स्तर से इस पूरे कार्यक्रम को समयबद्ध कैलेंडर के अनुसार संचालित करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।

आधुनिक शिक्षा से जुड़ेंगे परिषदीय स्कूलों के बच्चे: बीएसए

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कानपुर देहात आशीष कुमार पाण्डेय ने बताया कि विभाग का सर्वोच्च प्राथमिकता वाला लक्ष्य परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन के स्तर को आधुनिक, रोचक और व्यावहारिक बनाना है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास, आईसीटी टूल्स और प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के जरिए ग्रामीण परिवेश के बच्चों को आधुनिक तकनीक व शोधपरक शिक्षा से जोड़ा जाएगा। वित्तीय बजट की स्वीकृति मिलने के बाद जनपद स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों को पारदर्शी, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से आयोजित कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। up basic education teacher training budget से परिषदीय विद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण में व्यापक सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।


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