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कानपुर में 5600 करोड़ का बड़ा साइबर खेल बेनकाब, सिंडिकेट के दो शातिर गिरफ्तार

72 बैंक खातों के जरिए देशभर में फैले नेटवर्क का खुलासा, 65 लाख से अधिक नकदी बरामद

कानपुर, अमन यात्रा लाइव : Kanpur में साइबर क्राइम पुलिस टीम ने निवेश के नाम पर देशभर में वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान तलाक महल निवासी शाहजेब वारिस और हलीम कॉलेज निवासी सलमान के रूप में हुई है। जांच में जनपद के 14 विभिन्न बैंकों के 72 खातों में करीब 5600 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का वित्तीय ट्रेल मिला है। प्रारंभिक पड़ताल में इन बैंक खातों का संबंध देश के 17 राज्यों में दर्ज 86 साइबर अपराध की शिकायतों से प्रमाणित हुआ है।

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पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य आम जनता को निवेश पर असामान्य मुनाफा कमाने का झांसा देकर फर्जी कंपनियों के बैंक खातों में रकम स्थानांतरित करवाते थे। इसके बाद उस धनराशि को अलग-अलग खातों, शेल फर्मों और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से घुमाकर ठिकाने लगाया जाता था। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से 65.26 लाख रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, तीन चेकबुक, दो एटीएम कार्ड और बैंकिंग, जीएसटी व उद्यम से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेख बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान सिंडिकेट से जुड़े सात-आठ अन्य संदिग्धों के नाम भी प्रकाश में आए हैं, जिनके मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और व्हाट्सऐप चैट की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने नागरिकों से अपील की है कि पुलिस, सीबीआई, ईडी या निवेश अधिकारी बनकर आने वाली फर्जी कॉल से सतर्क रहें और किसी अनजान खाते में धन न भेजें। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की विधिक प्रक्रियाओं का अनुपालन करते हुए साक्ष्य संकलन की कार्रवाई पूर्ण की। अभियुक्तों के विरुद्ध संगठित वित्तीय अपराध और धोखाधड़ी के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), धारा 338 (कूटकरण), धारा 336(3) (जालसाजी) व 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।


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