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कानपुर देहात: बीएसए की अध्यक्षता में हुई विभागीय समन्वय बैठक
शासकीय योजनाओं और शैक्षणिक कार्यों में लापरवाही पर दी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी

कानपुर देहात, राजेश कटियार : Kanpur Dehat के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बुधवार को बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ी विभिन्न शासकीय योजनाओं, प्रशासनिक कार्यों और शैक्षणिक गुणवत्ता की प्रगति को लेकर एक महत्वपूर्ण समन्वय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बेसिक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में ब्लॉक स्तरीय बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता प्रशिक्षण, शिक्षकों की डिजिटल प्रमाणित उपस्थिति, निपुण भारत मिशन की वास्तविक स्थिति तथा राष्ट्रीय आय आधारित परीक्षा की तैयारियों की सघन समीक्षा की गई। बैठक में स्कूलों की मैपिंग के उपरांत रिक्त प्राथमिक विद्यालयों में बाल वाटिका के संचालन, छात्र-छात्राओं के विशिष्ट पहचान पत्र निर्माण, पाठ्य-पुस्तक वितरण, विद्यालयों में मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं के विकास और जर्जर विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण व नीलामी की विधिक स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक के दौरान प्रशासनिक एवं वित्तीय मामलों को गति प्रदान करने के उद्देश्य से परिषदीय विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समिति के नवीन खाते खुलवाने, अशासकीय सहायता प्राप्त अनुदानित विद्यालयों में कैशलेस चिकित्सा व्यवस्था लागू करने, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण और सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया गया। इसके साथ ही शिक्षकों के चयन वेतनमान तथा पटल सहायकों से जुड़े कार्मिक प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण की समीक्षा करते हुए जिले में बिना मान्यता के संचालित हो रहे अवैध विद्यालयों के विरुद्ध अभियान चलाकर तालाबंदी कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में अकबरपुर, रसूलाबाद, सरवनखेड़ा, राजपुर, झींझक, अमरौधा, मलासा, संदलपुर और डेरापुर के खंड शिक्षा अधिकारियों सहित प्रशिक्षण, बालिका शिक्षा, मध्यान्ह भोजन और निपुण योजना से जुड़े सभी जिला समन्वयक एवं पटल सहायक उपस्थित रहे।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कड़े प्रशासनिक तेवर दिखाते हुए उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिकताओं और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर शिथिलता कतई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय दायित्वों में जानबूझकर व्यवधान डालने, शासकीय आदेशों की अवहेलना करने अथवा अवैध व अमान्य विद्यालयों के संचालन में संलिप्तता पाए जाने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की प्रक्रियाओं के तहत जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही यदि किसी प्रकरण में सार्वजनिक धन के दुरुपयोग अथवा अभिलेखों में हेराफेरी का मामला प्रकाश में आता है तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) के सुसंगत विधिक प्राविधानों के अंतर्गत कठोर दंडात्मक व विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।



