कानपुर देहात राष्ट्रीय लोक अदालत: रिकॉर्ड 2.56 लाख मामलों का निपटारा, 24 करोड़ से ज्यादा का हुआ समझौता
जिला जज रविन्द्र सिंह की अध्यक्षता में टूटे रिकॉर्ड, आपसी सुलह से खत्म हुए सालों पुराने विवाद और 23 जोड़ों को साथ रहने के लिए किया गया विदा।
कानपुर देहात: Kanpur Dehat National Lok Adalat 2026 का आयोजन शनिवार को जनपद न्यायालय परिसर में जिला जज रविन्द्र सिंह की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों पर आयोजित इस लोक अदालत में छोटे-मोटे विवादों से लेकर सालों से लंबित दीवानी और फौजदारी के मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला जज रविन्द्र सिंह द्वारा मां सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस दौरान आर्बिट्रेशन की विशेष लोक अदालत का भी आयोजन हुआ।
करोड़ों का सेटलमेंट और पारिवारिक मिलन
लोक अदालत के दौरान विभिन्न न्यायालयों और तहसीलों में कुल 2,56,005 मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें मोटर दुर्घटना प्रतिकर, पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, उत्तराधिकार वाद और राजस्व जैसे मामले शामिल रहे। जिला जज रविन्द्र सिंह ने स्वयं 7 वादों का निस्तारण कर 2.83 करोड़ रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति दिलाई। वहीं, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय कल्पना ने 80 वादों का निस्तारण किया, जिसमें सबसे सुखद पहलू 23 बिछड़े हुए जोड़ों का पुनर्मिलन रहा। इन जोड़ों को उपहार देकर साथ रहने के लिए विदा किया गया। बैंक रिकवरी के मामलों में भी बड़ी सफलता मिली, जहाँ 944 वादों में 5.90 करोड़ रुपये से अधिक का समझौता हुआ।
प्रदर्शनी और सामाजिक सरोकार
इस बार की लोक अदालत केवल कानूनी प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें सामाजिक सरोकार की झलक भी दिखी। ‘वन नेशन वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत जेल के बंदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई। बारा गांव की प्रसिद्ध लस्सी का स्टाल भी आकर्षण का केंद्र रहा। सचिव नूपुर श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद की 6 तहसीलों में भी लोक अदालत का आयोजन हुआ, जहाँ कुल 29,504 वादों का निस्तारण किया गया। जिला जज ने सफल जोड़ों को ‘मिशन ट्री’ के तहत पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।



