Kanpur dehat: एसआरजी अजय कुमार गुप्ता ने पांच दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण में शिक्षकों को प्रशिक्षण की महत्ता समझाई
उन्होंने शिक्षकों को बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार, कक्षा-कक्ष में प्रभावी शिक्षण तथा बच्चों के नियमित ठहराव पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

राजेश कटियार, कानपुर देहात। जनपद कानपुर देहात के विभिन्न विकासखंडों में संचालित पांच दिवसीय एफएलएन (मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता) प्रशिक्षण के क्रम में एसआरजी अजय कुमार गुप्ता ने मैथा एवं झींझक विकासखंड के प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण एवं अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता का जायजा लेने के साथ-साथ प्रशिक्षण में प्रतिभाग कर रहे शिक्षकों से संवाद कर विद्यालय स्तर पर आने वाली विभिन्न समस्याओं एवं उनके समाधान के बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की।
एसआरजी अजय कुमार गुप्ता ने शिक्षकों को प्रशिक्षण के महत्व को समझाते हुए कहा कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान एवं गतिविधियों को विद्यालय में प्रभावी ढंग से लागू करना ही प्रशिक्षण की वास्तविक सफलता है। उन्होंने शिक्षकों को बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार, कक्षा-कक्ष में प्रभावी शिक्षण तथा बच्चों के नियमित ठहराव पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान शासन की मंशा के अनुरूप कायाकल्प कार्यक्रम के 10 बिंदु, उपकरण किट, निपुण विद्यालय की योजना तथा विद्यालय में बच्चों के ठहराव सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। शिक्षकों को विद्यालय में शिक्षक डायरी, टीएलएम (शिक्षण-शिक्षण सामग्री) एवं अन्य शिक्षण-सहायक सामग्रियों के प्रभावी प्रयोग के संबंध में उपयोगी सुझाव भी दिए गए।
मैथा विकासखंड में दो कक्षों में 100 शिक्षकों का प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा था। एसआरजी ने प्रशिक्षण कक्षों में पहुंचकर प्रशिक्षण प्रक्रिया का अवलोकन किया तथा संदर्भदाताओं एवं शिक्षकों से प्रशिक्षण की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इसी क्रम में झींझक विकासखंड में संचालित एफएलएन प्रशिक्षण का भी अवलोकन किया गया। यहां एसआरजी ने शिक्षकों के साथ संवाद करते हुए विद्यालय में बच्चों के नियमित ठहराव, प्रभावी शिक्षण, शिक्षक डायरी एवं टीएलएम के प्रयोग सहित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में झींझक विकासखंड के संदर्भदाता के रूप में एआरपी अरविंद सिंह, पूर्व एआरपी आलोक गुप्ता, अजय कुमार, विकास सिंघल एवं महाराज सिंह तथा मैथा विकासखंड के संदर्भदाता के रूप में विवेक दलेला, प्रतीक्षा त्रिपाठी, आदर्श सिंह एवं देवेश कुमार सहित अन्य शिक्षक साथी उपस्थित रहे। एसआरजी के इस शैक्षणिक निरीक्षण एवं संवाद का उद्देश्य प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ शिक्षकों को प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को विद्यालयों में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए प्रेरित करना रहा।



