शिक्षाउत्तरप्रदेशकानपुर देहातफ्रेश न्यूज

मानव संपदा पोर्टल: शिक्षकों के सेवा विवरण में सुधार के लिए बीएसए सख्त, बीईओ पर गिरेगी गाज

बार-बार आवेदन के बाद भी संशोधन न होने पर नाराजगी, अब ब्लॉक स्तर पर तय समय सीमा में दुरुस्त होगी सर्विस बुक।

Story Highlights
  • मानव संपदा पोर्टल पर शिक्षकों और कर्मचारियों की सर्विस बुक अद्यतन करने के आदेश।
  • बार-बार आवेदन के बावजूद संशोधन न होने की शिकायतों पर बीएसए ने लिया संज्ञान।
  • अब ब्लॉक स्तर पर एस्टेब्लिशमेंट डेटा एंट्री आईडी से ऑनलाइन होगा सुधार।
  • लापरवाही या देरी होने पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) होंगे सीधे जिम्मेदार।
  • नियुक्ति, अवकाश और वेतन आहरण जैसे कार्यों में शिक्षकों को मिलेगी बड़ी राहत।

राजेश कटियार,कानपुर देहात: Manav Sampada Portal Teacher Records को अनिवार्य रूप से अद्यतन और संशोधित करने के लिए कानपुर देहात के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उत्तर प्रदेश शासन और स्कूल शिक्षा महानिदेशक के निर्देशों के क्रम में यह कदम उठाया गया है। लंबे समय से जिले के शिक्षकों द्वारा यह शिकायत की जा रही थी कि बार-बार आवेदन देने के बावजूद उनकी सर्विस बुक में आवश्यक संशोधन नहीं किए जा रहे हैं। इस लापरवाही के कारण शिक्षकों को नियुक्ति, ज्वाइनिंग, अवकाश प्रबंधन और वेतन आहरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।

ब्लॉक स्तर पर तय हुई जवाबदेही
व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अब पूरी प्रक्रिया को ब्लॉक स्तर पर केंद्रित किया गया है। Manav Sampada Portal Teacher Records में किसी भी प्रकार का संशोधन अब ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध एस्टेब्लिशमेंट डेटा एंट्री आईडी के माध्यम से ऑनलाइन पूरा किया जाएगा। इसके लिए एक निश्चित समय सीमा भी निर्धारित की गई है। बीएसए ने स्पष्ट किया है कि अब शिक्षकों को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए जिला मुख्यालय या अन्य दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।

लापरवाही पर बीईओ को चेतावनी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बरतने पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी विकासखंड में शिक्षकों के विवरण को अपडेट करने में देरी होती है या कोई त्रुटि पाई जाती है, तो इसके लिए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) को सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाएगा। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को त्रुटिहीन बनाना है ताकि शिक्षकों का कीमती समय बर्बाद न हो और वे पूरी एकाग्रता के साथ शिक्षण कार्य कर सकें।

 


ये भी पढे-  कानपुर देहात में साक्षरता का शंखनाद: ‘उल्लास’ अभियान के तहत स्कूलों में निकली भव्य रैलियां


 


ये भी रील देखे –

 


 

Related Articles

AD
Back to top button