यूपी में जनगणना का मास्टर प्लान तैयार: 800 की आबादी पर बनेगा एक ब्लॉक, 16 नवंबर से ऑनलाइन विकल्प
प्रगणकों का बोझ कम करने के लिए ब्लॉकों का होगा विभाजन, बेघरों और संस्थागत क्षेत्रों के लिए प्रशासन ने बनाई विशेष रणनीति।
- उत्तर प्रदेश में जनगणना के दूसरे चरण के लिए 800 से 850 की आबादी पर बनेगा एक ब्लॉक।
- 16 से 30 नवंबर तक नागरिकों को ऑनलाइन स्वगणना (Self-Enumeration) का मिलेगा विकल्प।
- 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक प्रगणक घर-घर जाकर करेंगे आंकड़ों का सत्यापन।
- स्लम, जेल, वृद्धाश्रम और बेघर परिवारों के लिए बनाए गए तीन विशेष प्राथमिकता क्षेत्र।
- हाउसिंग सोसाइटियों में स्वगणना पूरी होने पर घरों पर चिपकाई जाएगी यूनिक आईडी।
राजेश कटियार ,लखनऊ/ कानपुर देहात: UP Census Master Plan 2026 के तहत उत्तर प्रदेश में जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। जनगणना निदेशालय द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार, अब 800 से 850 की आबादी पर एक जनगणना ब्लॉक बनाया जाएगा। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य प्रगणकों पर काम के बोझ को संतुलित करना है ताकि एकत्रित आंकड़े पूरी तरह सटीक और विश्वसनीय मिल सकें। यदि किसी पुराने हाउस लिस्टिंग ब्लॉक में 400 मकान और लगभग 1100 की आबादी है, तो उसे अब दो अलग-अलग ब्लॉकों में विभाजित कर दिया जाएगा।
ऑनलाइन स्वगणना और घर-घर सर्वे
इस बार की जनगणना में तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। UP Census Master Plan 2026 के अनुसार, प्रदेश वासियों को 16 से 30 नवंबर तक स्वगणना पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद दर्ज करने का विकल्प मिलेगा। इसके बाद 1 दिसंबर से 4 जनवरी तक प्रगणक फील्ड में उतरेंगे और घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। शहरी क्षेत्रों और बड़ी हाउसिंग सोसाइटियों में स्वगणना को बढ़ावा देने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जो परिवार अपनी गणना ऑनलाइन पूरी कर लेंगे, उनके घरों पर एक यूनिक आईडी चिपकाई जाएगी।
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तीन प्राथमिकता क्षेत्रों पर फोकस
पूरी आबादी को कवर करने के लिए प्रशासन ने तीन विशेष प्राथमिकता क्षेत्र निर्धारित किए हैं। पहले क्षेत्र में सामान्य परिवार, स्लम और किराएदारों पर ध्यान दिया जाएगा। दूसरे क्षेत्र में संस्थागत स्थान जैसे जेल, वृद्धाश्रम और हॉस्टल शामिल होंगे। तीसरे और सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में बेघर परिवारों को रखा गया है, जो रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और धार्मिक स्थलों पर रहते हैं। इन बेघर लोगों की गिनती 4 जनवरी की शाम को विशेष अभियान चलाकर की जाएगी। एक बार ब्लॉक फ्रीज होने के बाद उनकी संख्या घटाई नहीं जा सकेगी।
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