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कानपुर देहात: मेले में अश्लील गाना गाने और भद्दे इशारे करने वाले को कोर्ट ने सुनाई सज़ा

राजपुर पुलिस की प्रभावी पैरवी से दोषी सिद्ध हुआ गोविन्दा, न्यायालय उठने तक की सजा और ₹500 का अर्थदंड; ऑपरेशन कन्विक्शन सफल

कानपुर देहात: जनपद कानपुर देहात में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत आम जनमानस को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। थाना राजपुर क्षेत्र के जैनपुर मंदिर में लगे मेले में अश्लील गाने गाकर महिलाओं और लोगों को शर्मिंदगी महसूस कराने वाले अभियुक्त गोविन्दा को माननीय न्यायालय ने दोष सिद्ध करते हुए सज़ा सुनाई है।

यह है पूरा मामला

यह घटना 20 सितंबर 2025 को जैनपुर मंदिर के मेले में हुई थी। गोविन्दा पुत्र राजू निवासी कमलपुर, थाना राजपुर, द्वारा सार्वजनिक स्थान पर अश्लील गाने गाए गए और भद्दे-भद्दे इशारे किए गए। उनकी इस हरकत से मेले में आई महिलाओं और आम लोगों को भारी शर्मिंदगी और असहजता महसूस हुई। इस संबंध में, थाना राजपुर में तत्काल मु0अ0सं0 70/2025 धारा 296 बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत गोविन्दा के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया था।

पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्यवाही

मामला पंजीकृत होने के तुरंत बाद, विवेचक ने गुणवत्तापूर्ण विवेचना शुरू की। वादी और गवाहों द्वारा दिए गए वास्तविक तथ्यों और बयानों के आधार पर साक्ष्य संकलन किया गया। इसके बाद, विवेचना को निस्तारित करते हुए अभियुक्त गोविन्दा के विरुद्ध उसी दिन यानी 20 सितंबर 2025 को आरोप पत्र माननीय न्यायालय को प्रेषित कर दिया गया।

उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए, थाना राजपुर पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन और मॉनिटरिंग सेल ने सतत और प्रभावी पैरवी की। सही तथ्यों पर गवाहों की गवाही माननीय न्यायालय के समक्ष कराई गई, जिसके परिणाम स्वरूप अभियुक्त गोविन्दा को दोषी ठहराया गया।

न्यायालय का महत्वपूर्ण निर्णय

माननीय न्यायालय जेएम भोगनीपुर, जनपद कानपुर देहात, ने दिनांक 10 दिसंबर 2025 को इस मामले पर निर्णय सुनाया। अभियुक्त गोविन्दा द्वारा जुर्म स्वीकार करने पर न्यायालय ने उन्हें दोष सिद्ध किया। उन्हें न्यायालय उठने तक की सज़ा (Till Rising of the Court) और ₹500 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अर्थदण्ड अदा न करने पर गोविन्दा को एक सप्ताह का साधारण कारावास भुगतना होगा। न्यायालय का यह निर्णय समाज में कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और आवश्यक कदम है।

aman yatra
Author: aman yatra

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