कानपुर देहात पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, 25 हजार का इनामी गौ-तस्कर गिरफ्तार
आरोपी शादाब गौवध और पशु तस्करी के मामले में चल रहा था वांछित।

शिवली: अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत कानपुर देहात पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। शिवली थाना पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश शादाब को गिरफ्तार कर लिया है। शादाब गौवध और पशु क्रूरता जैसे गंभीर मामलों में वांछित चल रहा था और पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी।
जंगल में छिपाते थे बेजुबान जानवर
मामला 11 दिसंबर 2025 का है। रामपुर गजरा गांव के पास जंगल में पुलिस को सूचना मिली थी कि बड़ी संख्या में गौवंशीय पशुओं को क्रूरतापूर्वक बांधकर रखा गया है। पुलिस ने मौके से 37 पशुओं को मुक्त कराया था। जांच में पता चला कि इन जानवरों को काटने और तस्करी के उद्देश्य से इकट्ठा किया गया था। इस मामले में पुलिस ने पहले ही दो आरोपियों मोहर सिंह और राजू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इन्हीं से पूछताछ में शादाब का नाम सामने आया था।
ऐसे होती थी तस्करी की प्लानिंग
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार शादाब ने अपने अपराध को कबूल किया है। उसने बताया कि वह राजस्थान के बंजारा गिरोह और औरैया के नसरुद्दीन के साथ मिलकर यह काम करता था। ये लोग जंगल में डेरा डालते थे और आसपास घूमने वाले अन्ना मवेशियों को चोरी-छिपे पकड़कर इकट्ठा कर लेते थे। जब पर्याप्त जानवर जमा हो जाते, तो रात के अंधेरे में उन्हें ट्रकों में लादकर बंगाल और रामपुर जैसी जगहों पर कटने के लिए भेज दिया जाता था। कई बार ये लोग स्थानीय स्तर पर भी पशुओं को काटकर उनका मांस बेच देते थे।
मुखबिर की सूचना पर दबोचा गया शादाब
घटना के बाद से ही शादाब फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। शिवली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि शादाब भुजपुरा तिराहे के पास मौजूद है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक वीवो मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है।


