कानपुर देहात में अब दहेज लोभियों की खैर नहीं, बस एक कॉल पर घर पहुंचेगी पुलिस।
गोपनीय रहेगी आपकी पहचान: हेल्पलाइन 181 पर दें दहेज की जानकारी

कानपुर देहात में दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से मिटाने और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशासन ने सक्रियता बढ़ा दी है। जिला प्रोबेशन अधिकारी रेनू यादव ने सर्व साधारण को सूचित किया है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की नवीनतम अधिसूचना के अनुसार जनपद के मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन और सभी उपजिलाधिकारियों को दहेज प्रतिषेध अधिकारी के रूप में नामित किया गया है। इसका उद्देश्य समाज में दहेज के लेनदेन को रोकना और महिलाओं को सुरक्षित माहौल प्रदान करना है।
कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के तहत दहेज लेना, देना या इसमें किसी भी प्रकार का सहयोग करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसा करने पर दोषी को कम से कम 5 वर्ष की कैद और 15,000 रुपये के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त, यदि पति या रिश्तेदारों द्वारा संपत्ति अथवा कीमती वस्तुओं के लिए विवाहिता का उत्पीड़न किया जाता है, तो भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए के तहत 3 साल की जेल और जुर्माने का सख्त प्रावधान है।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके पास दहेज के लेनदेन से संबंधित कोई भी जानकारी है, तो वे तुरंत महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर कॉल करें। इसके अलावा नामित नोडल अधिकारियों को भी सूचित किया जा सकता है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी के निर्देशानुसार बुधवार को जसवंत सिंह स्मारक इंटर कॉलेज माती और नेहरू इंटर कॉलेज नवीपुर में विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किए गए, जहाँ छात्रों और शिक्षकों को इन कड़े कानूनों के प्रति जागरूक किया गया।


