कानपुर देहात में संदिग्ध परिस्थितियों में आम के पेड़ से लटका मिला शव
परिजनों ने पुलिस जांच पर लापरवाही का लगाया आरोप

- परिजन सुनवाई न होने पर उच्चाधिकारियों के पास जाने को विवश
- थाना प्रभारी हरिओम प्रकाश त्रिपाठी का लचर रवैया
कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव में बीते शुक्रवार को एक 18 वर्षीय युवक सुधांशु का संदिग्ध परिस्थितियों में आम के पेड़ से लटके मिले शव के मामले में मृतक के परिजनों ने पुलिस जांच पर लापरवाही का आरोप लगाया है।मामले में पुलिस व परिजनों के बीच विरोधाभास नजर आया है।
परिजनों का कहना है कि उनके पुत्र के साथ मारपीट के पश्चात हत्या कर शव फांसी पर लटका दिया गया है।जबकि पुलिस का कहना है कि युवक के द्वारा आत्महत्या की गई है।जब परिजनों ने इस मामले में पुलिस से बातचीत करने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें यह कहकर टरका दिया कि यह मामला हमारे थाना क्षेत्र का नहीं है व मामले की जांच करने से इनकार कर दिया।इस बात से आहत होकर परिजन मामले को लेकर उच्चाधिकारियों के पास जाने को विवश हैं।
बताते चलें कि थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव में शुक्रवार सुबह एक युवक का गांव के बाहर संदिग्ध परिस्थितियों में आम के पेड़ से शव लटका मिला था।घटना से इलाके में सनसनी फैल गई थी।मृतक की पहचान दीप कुमार के 18 वर्षीय पुत्र सुधांशु के रूप में हुई थी।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
मृतक के पिता दीप कुमार ने पुलिस को बताया कि सुधांशु गांव के ही एक युवक के साथ रहकर ऑटो चलाता था।परिजनों ने आरोप लगाया कि एक दिन पहले सुधांशु का कुछ लोगों से विवाद हुआ था और उसके साथ मारपीट भी की गई थी।वहीं शनिवार को जब मृतक के परिजन मामले को लेकर थाने पहुंचे और पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की तो पुलिस ने उन्हें यह कहकर टरका दिया कि यह मामला उनके थाना क्षेत्र का नहीं है।
जबकि युवक का शव थाना क्षेत्र में ही फांसी पर लटका पाया गया था।परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले की जांच करने में हीलाहवाली कर रही है।परिजनों का कहना है कि मामले की सुनवाई न होने पर वह न्याय की गुहार के लिए उच्चाधिकारियों के पास जाने को विवश हैं।वहीं मामले में प्रभारी निरीक्षक हरिओम प्रकाश त्रिपाठी का लचर रवैया स्पष्ट नजर आ रहा है।



