कानपुर

कानपुर पुलिस का रिस्पांस टाइम सुधरा, यूपी रैंकिंग में टॉप फाइव के अंदर

कानपुर की पीआरवी घटनास्थल पर तेजी से पहुंचने लगी है जिससे रिस्पांस टाइम में सुधार होने से यूपी रैंकिंग में एक महीने में 24 से नंबर चार पर पहुंच गई है। अब मुसीबत में फंसे लोगों को जल्द ही पुलिस की मदद मिल रही है।

कानपुर,  अमन यात्रा । आम लोगों के लिए यह अच्छी खबर है। मुसीबत में फंसे लोगों तक पुलिस अब ज्यादा तेजी के साथ पहुंच रही है। घटनास्थल पर समय से पहुंचने के मामले में कानपुर पुलिस ने अपने स्तर में सुधार किया है। एक महीने पहले जहां प्रदेश में रिस्पांस टाइम में कानपुर पुलिस का 24वां नंबर था, वह घटकर अब चार तक पहुंच गया। हालांकि इस समय औसत रैंकिंग आठ है।

किस जिले की पुलिस कितनी तेज है, इसका अंदाजा उसके रिस्पांस टाइम से लगाया जाता है। इसका आधार है पीआरवी यानी पुलिस रिस्पांस व्हीकल। आपातकालीन नंबर डायल 112 से जुड़ी पीआरवी को सूचना मिलते ही घटनास्थल पर जाने के लिए कहा जाता है और इसके आधार पर ही जिलों की रैंकिंग तय होती है। कानपुर पुलिस एक महीने पहले तक इस मामले में बेहद फिसड्डी थी। उस वक्त कानपुर पुलिस की रैंकिंग 11 से 24 के बीच थी। अब तेजी के साथ सुधार हुआ है। एसपी क्राइम सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अब रैंकिंग चार से 12 के बीच चल रही है, जबकि औसत रैंकिंग आठ दर्ज की गई है।

पुराना रुतबा पाना अभी चुनौती

सवा साल पहले कानपुर पुलिस का रिस्पांस टाइम प्रदेश में नंबर दो था, जिसे पाने के लिए और मशक्कत करनी होगी।

जिले में हैं 111 पीआरवी

जनपद में कुल 111 पीआरवी हैं। इसमें 53 दोपहिया और 58 चार पहिया वाहन हैं। दोपहिया वाहनों में एक एक सिपाही व एक होमगार्ड, जबकि चार पहिया वाहनों में एक दारोगा, एक महिला सिपाही, एक होमगार्ड व एक पुरुष सिपाही तैनात रहता है।

आठ मिनट से नीचे पहुंचा रिस्पांस टाइम

एक महीने पहले तक कानपुर पुलिस का रिस्पांस टाइम दस मिनट या उससे ऊपर चला गया था, जो अब घटकर आठ मिनट से भी कम रह गया है। इसका मतलब यह है कि सूचना मिलने के बाद आठ मिनट के भीतर पुलिस मौके पर पहुंच रही है।

  • पीआरवी के तैनाती स्थलों में बदलाव, जाम में कमी व पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण के चलते रिस्पांस टाइम में सुधार हुआ है। अब इसे टॉप थ्री में लाने का लक्ष्य रखा गया है। -राजबहादुर सिंह, प्रभारी डायल 112

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