साहित्य जगतकविता

जय माँ कालरात्रि

दुर्गा जी की सप्त शक्ति कहलाती माँ कालरात्रि रौद्र रूप लिए धूम्र वर्णा रखती चार भुजाएं माता

 

दुर्गा जी की सप्त शक्ति
कहलाती माँ कालरात्रि
रौद्र रूप लिए धूम्र वर्णा
रखती चार भुजाएं माता

उत्पत्ति का लक्ष्य विशेष
करना ,पापियों का नाश
देती हो भक्तों को अभय
करती दूर ग्रह दोष व भय

बना कर गर्दभ को वाहन
किया रक्तबीज रक्त पान
भक्तों को शुभफल देती
पाया शुभंकरी एक नाम

सप्तमी को पूजन विधान
दूर करें समस्त व्यवधान
कृपा बने सब पर विशेष
होए न कभी कोई क्लेश

मीनाक्षी शर्मा ‘मनुश्री’
गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)

aman yatra
Author: aman yatra

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