जुर्म कबूला तो मिली सजा: कानपुर देहात की अदालत ने गांजा तस्करी के दोषी पर लगाया भारी जुर्माना
29 जनवरी 2022 को अवैध गांजा बरामदगी मामले में आया अंतिम फैसला

कानपुर देहात की पुलिस और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के चलते मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अपराधी को सजा मिल गई है। न्यायालय ने अवैध गांजा रखने के आरोपी सुरेंद्र बाबू मिश्रा को दोषी करार देते हुए सजा और अर्थदंड से दंडित किया है।
क्या था पूरा मामला
यह मामला 29 जनवरी 2022 का है जब थाना सिकंदरा क्षेत्र के पटेलनगर निवासी सुरेंद्र बाबू मिश्रा पुत्र प्रभूदयाल के पास से अवैध गांजा बरामद किया गया था। इस संबंध में थाना सिकंदरा पर धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा संख्या 20/2022 पंजीकृत किया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की और साक्ष्य जुटाए।
पुलिस की त्वरित जांच और ऑपरेशन कन्विकशन
विवेचक ने मामले में गुणवत्तापूर्ण जांच करते हुए ठोस साक्ष्य संकलित किए और 16 मार्च 2022 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। उत्तर प्रदेश में अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विकशन के तहत थाना सिकंदरा पुलिस, कोर्ट पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने इस केस में लगातार प्रभावी पैरवी की। गवाहों के बयान और पुलिस द्वारा पेश किए गए सबूतों के सामने आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
न्यायालय का कड़ा फैसला
एडीजे-5/एनडीपीएस कोर्ट कानपुर देहात ने 30 मार्च 2026 को इस मामले में अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने सुरेंद्र बाबू मिश्रा को दोषी ठहराते हुए उसे जेल में बिताई गई अवधि की सजा और 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।



