रसूलाबाद: कागजों में दुरुस्त, धरातल पर खराब, हैंडपंप बने शोपीस, ग्रामीण पानी को तरसे
रसूलाबाद विकासखंड के ग्राम पंचायत समसपुर न्योराज में सरकारी हैंडपंपों की बदहाली ने ग्रामीणों को पानी के लिए तरसा दिया है। सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद, गांव के हैंडपंप शोपीस बनकर खड़े हैं।

- समसपुर न्योराज में लाखों की सरकारी योजना फेल, ग्रामीणों ने लगाया प्रधान पर गबन का आरोप
रसूलाबाद, कानपुर देहात: रसूलाबाद विकासखंड के ग्राम पंचायत समसपुर न्योराज में सरकारी हैंडपंपों की बदहाली ने ग्रामीणों को पानी के लिए तरसा दिया है। सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद, गांव के हैंडपंप शोपीस बनकर खड़े हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों में हैंडपंपों को दुरुस्त दिखाया गया है, जबकि वास्तविकता में वे खराब पड़े हैं।
पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणों ने तहसील से लेकर जिला स्तर तक शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान ने हैंडपंपों के नाम पर सरकारी धन का गबन किया है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत भी की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।
गर्मी का मौसम नजदीक आ रहा है और ग्रामीणों को चिंता है कि अगर हैंडपंपों की मरम्मत नहीं हुई, तो उन्हें पानी के लिए भटकना पड़ेगा। ग्रामीणों ने जिले के अधिकारियों से शुद्ध पानी उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस मामले में रसूलाबाद खंड विकास अधिकारी धनप्राप्त सिंह यादव ने बताया है कि मामले की जांच कर हैंडपंपों की मरम्मत कराई जाएगी। अब देखना यह होगा कि गर्मी के मौसम से पहले इन हैंडपंपों की मरम्मत हो पाती है या नहीं।



