प्रेम, निष्ठा एवं विश्वास का पर्व व्रत करवा चौथ है, सामाजिक, आध्यात्मिक संग वैज्ञानिक मूल्यों से परिपूर्ण:डॉ अनूप सचान
करवा चौथ का व्रत भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसका वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत गहरा है।

कानपुर देहात। समस्त विवाहित मातृशक्तियों को भारतीय सनातन परंपरा के इस महोत्सव करवा चौथ पर्व पर रीना अनूप सचान की ओर से समाचार पत्र के माध्यम से हार्दिक शुभकामनाओ के साथ आइए साझा करें कुछ जानकारी जो इस व्रत को रखने से होने वाले वैज्ञानिक महत्व और आध्यात्मिक महत्व के बारे में इशारा करती है।
करवा चौथ का व्रत भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसका वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत गहरा है। वैज्ञानिक महत्व के साथ साथ स्वास्थ्य की दिशा में भी यह लाभ है कि करवा चौथ में महिलाएं दिनभर निर्जला उपवास रखती हैं, जिससे शरीर में डिटॉक्स की प्रक्रिया सक्रिय होती है और पाचन तंत्र को आराम मिलता है। उपवास से शरीर का मेटाबोलिज्म नियंत्रित होता है तथा गुर्दे और लीवर पर लोड कम होता है। चंद्र दर्शन के समय जब पत्नियां छलनी से चांद या दीपक की लौ देखती हैं, तो छलनी की जाली तेज प्रकाश को छानती है, जिससे आंखों पर सीधा दबाव नहीं पड़ता और आंखों की सुरक्षा होती है। चांद को अर्घ्य देने की प्रक्रिया जल और मानसिक संतुलन का प्रतीक है, जिससे मन में शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मानुशासन बढ़ता है। करवा चौथ कार्तिक मास के मौसम परिवर्तन के समय आता है, जब दिन छोटे और रातें लंबी होती हैं। इस समय उपवास और ध्यान मन व शरीर को संतुलित और स्थिर रखते हैं। इस व्रत के अगर आध्यात्मिक महत्व की बात करें तो यह कि यह दिन पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। चंद्रमा को अर्घ्य देने से चंद्र ग्रह दोष दूर होते हैं, मानसिक शांति मिलती है और वैवाहिक जीवन में स्थिरता आती है। इस दिन के उपवास और पूजा से आत्मिक शांति, संयम, श्रद्धा और आत्मबल में वृद्धि होती है। साथ ही कार्तिक महीने की आध्यात्मिक ऊर्जा मन, शरीर और आत्मा के संतुलन में सहायक होती है। ज्योतिषीय रूप से इस दिन शुक्र और चंद्रमा की स्थिति दांपत्य प्रेम, सौंदर्य और भावनाओं को उजागर करती है, जिससे वैवाहिक जीवन में मधुरता और सकारात्मकता आती है। कुल मिलाकर निष्कर्ष यह कि करवा चौथ का पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि विज्ञान, मनोविज्ञान, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम है, जो दांपत्य जीवन को प्रगाढ़, स्वास्थ्य को बेहतर और आत्मा को संतुलन भी प्रदान करता है।



