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श्यामानंद महाराज की पुण्यतिथि पर हुई प्रतिमा की स्थापना

तीर्थ नगरी शुक्रतीर्थ स्थित श्री संत मंडल आश्रम में ब्रह्मलीन महंत स्वामी श्यामानंद जी महाराज की चौथी पुण्यतिथि पर सैकड़ों अनुयायियों ने दर्जनों गांव में शोभा यात्रा निकालकर उनकी प्रतिमा स्थापित की। दूर दराज क्षेत्रों से आए सैकड़ों साधु-संतों व भक्तों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया।

मुजफ्फरनगर,अमन यात्रा । तीर्थ नगरी शुक्रतीर्थ स्थित श्री संत मंडल आश्रम में ब्रह्मलीन महंत स्वामी श्यामानंद जी महाराज की चौथी पुण्यतिथि पर सैकड़ों अनुयायियों ने दर्जनों गांव में शोभा यात्रा निकालकर उनकी प्रतिमा स्थापित की। दूर दराज क्षेत्रों से आए सैकड़ों साधु-संतों व भक्तों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया।

श्रद्धांजलि सभा में हरियाणा के छुड़ानी धाम से पधारे स्वामी अवधूत ब्रहम स्वरूप जी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत स्वामी श्यामानंद जी महाराज ने अपना जीवन समाज की सेवा में लगाया है हमें उनके आदर्शो पर चलकर समाज की भलाई के लिए कार्य करने चाहिए। इससे पूर्व प्रमुख शिष्य विचारानंद उर्फ छोटू महाराज के सानिध्य में श्रद्धालु हस्तिनापुर से ट्रैक्टर-ट्राली में बाबा की प्रतिमा को लेकर विभिन्न गांवों से होते हुए 75 किमी की यात्रा करने के बाद शुकतीर्थ आश्रम में पहुंचे। यहां पर विधि-विधान से समाधि मंदिर में उनकी प्रतिमा की स्थापना की गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डा. वीरपाल निर्वाल, स्वामी ब्रह्मानंद महाराज, लाल बाबा, ओमकार नंद, कपिलानंद आदि संतों ने संबोधित किया। साधु-संतों व भक्तों ने स्वामी श्यामानंद महाराज की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ट्रस्ट के सचिव खेमचंद चौहान, काशीराम गोयल, सुरेंद्र सिंह, गुलबीर, खेम सिंह चौहान, सतपाल चौहान, नेमपाल प्रधान, ओमपाल चौहान, सत्यवीर, ऋषिपाल , सुगन, हरिराम आदि मौजूद रहे। कलश यात्रा के साथ श्रीमद भागवत कथा का शुभारंभ

मोरना : तीर्थ नगरी शुकतीर्थ स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शाखा में शुक्रवार को धूमधाम से कलश यात्रा निकालने के साथ श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ हो गया। कलश यात्रा में श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर झूम कर नृत्य किया।

नगरी के सेंटर से शुरू होकर कलश यात्रा कल्याण देव चौक, बस स्टैंड, गणेश धाम, हनुमानधाम, आंबेडकर तिराहे से गंगा घाट पर पहुंची। जिसमें कई दर्जन महिलाओं ने कलश के साथ भाग लिया। जिसमें पूजा, विशाखा, पूनम, शालु, खुशी, आरती, मधु, ललिता आदि श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर झूम कर नृत्य किया। यात्रा के बाद कथा ज्ञान की अमृत वर्षा करते हुए बीके प्रवेश बहन ने कहा कि भागवत मनुष्य के जीवन में परिर्वतन लाती है। भागवत सुनने से मनुष्य के आचार व विचारों में शुद्धता आती है। भागवत ज्ञान का भंडार है। गीता एक दिव्य ज्ञान आराधना है। गीता सब दुखों से मुक्ति दिलाती है। गीता ज्ञान के हमारा मन शुभ विचारों से जब पवित्र बन जाता है तब हमारे द्वारा दूसरों को सुख शांति व प्यार अनुभव कराता है। पवित्रता से मन के अंदर बहुत शक्ति आ जाती है पवित्र मन प्रभु पसंद है उसके द्वारा ही विश्व में अच्छा घटित करने का अवसर मिलता है। बीके बीनू, बीके परी, श्रवण कुमार, निधि, आरती, सुनीता, कुसुमलता, राजेश्वरी, बीके वेदपाल, शुभम आदि मौजूद रहे।

aman yatra
Author: aman yatra

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