बरौर कस्बे में तीन दिवसीय रामलीला का भव्य शुभारंभ
कानपुर देहात के बरौर कस्बे में श्रीराम बाजार धनुष यज्ञ लीला समिति के तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय रामलीला में प्रथम दिवस में शनिवार रात नारद मोह रामजन्म लीला का सुंदर मंचन किया गया

- नारद मोह रामजन्म लीला देख दर्शक हुए रोमांचित
पुखरायां।कानपुर देहात के बरौर कस्बे में श्रीराम बाजार धनुष यज्ञ लीला समिति के तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय रामलीला में प्रथम दिवस में शनिवार रात नारद मोह रामजन्म लीला का सुंदर मंचन किया गया।जिसे देख दर्शक भावविभोर हो गए।बरौर कस्बे में श्रीराम बाजार धनुष यज्ञ लीला समिति के तत्वाधान में आयोजित तीन दिवसीय रामलीला का शुभारंभ शुक्रवार को गणेश पूजन के साथ किया गया।आचार्य अमन पांडेय और यजमान अक्षत चतुर्वेदी द्वारा गणेश पूजन कर रामलीला का शुभारंभ किया गया।लीला में पहले दिन शनिवार को कलाकारों द्वारा नारद मोह व रामजन्म लीला का सुंदर मंचन किया गया।लीला का मंचन करते हुए कलाकारों ने दिखाया कि नारद जी को अहंकार होने पर भगवान विष्णु माया को विश्व मोहिनी के रूप में राजकुमारी बनाकर भेजते हैं।
नारद राजकुमारी को देखते ही मोहित हो जाते हैं और भगवान विष्णु से उन जैसा स्वरूप मांगते हैं।विष्णु जी नारद को बंदर जैसा चेहरा प्रदान कर देते हैं।जानकारी होने पर नारद भगवान विष्णु को श्राप दे देते हैं।उधर रावण और अन्य राक्षसों के अत्याचार के कराह रही पृथ्वी को अत्याचार मुक्त करने के लिए देवतागण भगवान विष्णु से अवतार लेने की प्रार्थना करते हैं।राजा दशरथ के संतान न होने के कारण अपने कुलगुरु वशिष्ठ जी के पास जाने और उनकी सलाह से श्रृंगी ऋषि द्वारा शुभ पुत्र कामेष्टि यज्ञ करवाते हैं।
यज्ञ कुंड से अग्नि देवता प्रगट होकर राजा दशरथ को खीर प्रदान करते हैं,जिसे राजा दशरथ तीनों रानियों कौशल्या,कैकेई और सुमित्रा को दे देते हैं।खीर खाकर तीनों रानियां गर्भवती हो जाती हैं और भगवान राम के साथ तीनो भाइयों के जन्म लेते ही राजा दशरथ और रानी कौशल्या उत्साहित हो जाते हैं।लीला को देख दर्शक रोमांचित हो जाते हैं।इस मौके पर योगेंद्रनाथ पांडेय,रामजी चतुर्वेदी,रवींद्र शुक्ला,वरुण तिवारी,हरिओम अवस्थी,अनुज अवस्थी,अमन कश्यप,सोनू शुक्ला,कामतानाथ अवस्थी,कन्हैयालाल यादव,लवकुश त्रिवेदी,शुभ गुप्ता,अनुपम द्विवेदी,गोयल शर्मा,मोहन द्विवेदी समेत क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।


