श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन,भक्तों ने छका प्रसाद
भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के केशी पुरवा गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के समापन के पश्चात सोमवार को हवन पूजन के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।

- कथावाचक ने बताई कथा की महिमा
पुखरायां। भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के केशी पुरवा गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के समापन के पश्चात सोमवार को हवन पूजन के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जहां पर दूरदराज से बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया।सात दिन तक चली कथा में कथावाचक अजय शास्त्री ने श्रीमद्भागवत की विभिन्न धार्मिक कथाओं का विस्तृत वर्णन कर श्रोताओं को आध्यात्मिक ज्ञान से अवगत कराया।कथा के अंतिम दिन पूर्णाहुति समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर आयोजक मंडल ने परिवार सहित हवन यज्ञ में आहुति डाली।जिसके पश्चात कन्या भोज व विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।कथावाचक अजय शास्त्री ने लोगों से भक्तिमार्ग से जुड़ने और सत्कर्म करने को कहा।शास्त्री ने कहा कि हवन यज्ञ से वायुमंडल शुद्ध होने के साथ साथ व्यक्ति को आत्मिक बल मिलता है।साथ ही व्यक्ति में धार्मिक आस्था जाग्रत होती है।सभी व्यक्तियों को इसका रसपान करना चाहिए।श्रीमद्भागवत से जीव में भक्ति,ज्ञान व वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं।इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं।
विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में स्वयं स्वयं बदलाव हो जाता है।हवन पूजन के बाद शुरू हुए भंडारे में केशी,कुटरा,निगोही, रायरामापुर,बरौर,महोलिया इत्यादि दूरदराज के गांवों से भक्तों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया।इस मौके पर आयोजक मनीराम पाल,संतोष पाल,सुमित पाल,सुप्रीत पाल,अंकित पाल,संदीप पाल,राहुल पाल,बलराम यादव,महेश पाल,शिवराम पाल,छोटेलाल पाल,महेंद्र सिंह एडवोकेट,रामनरेश पाल समेत बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।



