करोड़ों का नशा हुआ राख: कानपुर देहात पुलिस ने भट्टी में झोंका 1.34 करोड़ का गांजा और स्मैक।
पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय की अध्यक्षता में ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने की कार्रवाई।

कानपुर देहात में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन दहन’ के अंतर्गत बुधवार को पुलिस ने एक बड़ी और निर्णायक कार्यवाही को अंजाम दिया। न्यायालय से प्राप्त अनुमति और विधिक दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, जनपद पुलिस ने ₹1 करोड़ 34 लाख 48 हजार से अधिक कीमत के नशीले पदार्थों का सार्वजनिक रूप से विनष्टीकरण कराया। यह कार्यवाही नशा मुक्त समाज की दिशा में पुलिस प्रशासन का एक कड़ा संदेश है।
ड्रग डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में जनपद के अकबरपुर, रनियां, डेरापुर, भोगनीपुर, गजनेर, सट्टी, मूसानगर, शिवली और सिकन्दरा थानों में दर्ज कुल 30 अभियोगों से संबंधित माल का निस्तारण किया गया। विनष्टीकरण की प्रक्रिया भारत ऑयल एंड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड, कुम्भी (अकबरपुर) में नियमानुसार वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के बीच संपन्न हुई।
नष्ट किए गए मादक पदार्थों का विवरण: निस्तारित किए गए कुल 217.408 किलोग्राम नशीले पदार्थों में सबसे बड़ी खेप गांजे की रही। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, ₹1,04,32,000 कीमत का 208.640 किलोग्राम गांजा, ₹17,11,000 मूल्य की 6.844 किलोग्राम चरस, ₹12,00,000 की 60 ग्राम स्मैक और ₹1,00,000 की अफीम सहित अन्य नशीले पदार्थों को भट्टी में डालकर नष्ट किया गया।
इस पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की अध्यक्षा और पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय ने किया। उनके साथ अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद, क्षेत्राधिकारी अकबरपुर संजय कुमार सिंह, ऑपरेशन दहन प्रभारी अमित शुक्ला सहित समस्त थाना प्रभारी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों के व्यापार में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध इस प्रकार की विधिक कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।


