कानपुर देहात: शिक्षकों के जीपीएफ एडवांस लोन नियमों में बड़ा बदलाव, बीएसए ने जारी किए निर्देश
बेसिक शिक्षा विभाग ने जीपीएफ ऋण के लिए कड़े किए मानक, 20 वर्ष की सेवा पर मिलेगा स्थाई लोन; शपथ पत्र और प्रमाण पत्र अनिवार्य।

राजेश कटियार, कानपुर देहात। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि से अग्रिम और स्थाई ऋण आवेदन को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग के संज्ञान में आया था कि निर्धारित प्रपत्र और नियमों की अनदेखी कर आवेदन आगे बढ़ाने से कर्मचारियों को काफी परेशानी हो रही थी जिसके समाधान के लिए अब कड़े नियम लागू किए गए हैं।
नए नियमों के अनुसार स्थाई सामान्य भविष्य निधि ऋण संबंधित कर्मचारी की 20 वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद पूरी नौकरी में सामान्यतः दो बार और विशेष परिस्थितियों में अधिकतम तीन बार ही स्वीकृत किया जा सकेगा जबकि अस्थाई ऋण को अधिकतम 32 किस्तों और विशेष दशा में 36 किस्तों में चुकाना होगा। इसके अलावा एक ऋण की अदायगी शुरू होने के छह महीने बाद ही अगले ऋण का आवेदन स्वीकार किया जाएगा। नए आदेश के तहत मकान बनाने के लिए वास्तुकार से प्रमाणित मूल्य-आकलन पत्र, नक्शा और भू-स्वामित्व के दस्तावेज देने होंगे वहीं मकान मरम्मत या वाहन खरीद के लिए भी अधिकृत संस्था का मूल्य-आकलन पत्र अनिवार्य कर दिया गया है।
पारिवारिक विवाह के मामलों में साक्ष्य के रूप में छपा हुआ निमंत्रण पत्र और बीमारी के इलाज के लिए पंजीकृत अस्पताल के पर्चे के साथ मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा सत्यापित प्रमाण पत्र लगाना जरूरी होगा। गड़बड़ी को रोकने के लिए अब आवेदन के साथ सामान्य भविष्य निधि खाता बही के अंतिम पृष्ठ की प्रमाणित प्रति और फोटो युक्त शपथ पत्र भी संलग्र करना होगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इन नियमों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी दी है और कहा है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही होने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्यवाही की जाएगी।



