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स्कूलों के ऊपर से नहीं हटीं हाईटेंशन लाइनें: कानपुर देहात बीएसए ने दी 1 बड़ी चेतावनी, कहा- हादसा हुआ तो बिजली विभाग होगा जिम्मेदार

बजट मिलने और डीएम के आदेश के बाद भी लापरवाही, अधिशासी अभियंता रनिया को भेजा सख्त पत्र

Story Highlights
  • परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के ऊपर से गुजरने वाली खतरनाक हाईटेंशन व एलटी लाइनों पर बीएसए ने कड़ा रुख अपनाया।
  • जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने विद्युत वितरण खण्ड रनिया के अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर सीधे जिम्मेदार ठहराया।
  • वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में विशेष प्रावधान होने के बाद भी बिजली विभाग ने अब तक लाइनों को शिफ्ट नहीं किया।
  • जिलाधिकारी की समीक्षा बैठकों के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी पर जताई नाराजगी, स्कूलों की सूची दोबारा भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग।

कानपुर देहात। जनपद में kanpur dehat school electric wires issue को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने बिजली विभाग के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के भवनों और खेल परिसरों के ऊपर से गुजरने वाली खतरनाक हाईटेंशन (एचटी) और लो-टेंशन (एलटी) विद्युत लाइनों को हटाने में बरती जा रही हीलाहवाली पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने गंभीर चिंता जताई है। बीएसए ने विद्युत वितरण खण्ड रनिया के अधिशासी अभियंता को औपचारिक पत्र भेजकर दो टूक चेतावनी दी है कि यदि इन खतरनाक तारों के कारण किसी भी स्कूल में कोई अप्रिय घटना घटती है, तो उसकी संपूर्ण विधिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।

बजट मिलने के बाद भी नहीं हटाए गए जानलेवा तार

बीएसए द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के विद्युत विभाग के बजट में प्रदेश के सभी परिषदीय स्कूलों के ऊपर से गुजरने वाली खतरनाक विद्युत तारों को स्थानांतरित करने के लिए विशेष धनराशि की व्यवस्था की गई थी। इसके लिए शासन स्तर और शिक्षा निदेशक बेसिक द्वारा भी समय-समय पर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद विद्युत विभाग की उदासीनता के चलते बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले कई संवेदनशील विद्यालयों के परिसरों से अब तक इन खतरनाक विद्युत लाइनों को नहीं हटाया जा सका है।

जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों की भी की जा रही अनदेखी

पत्र में इस बात का भी प्रमुखता से उल्लेख किया गया है कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित विकास और कानून-व्यवस्था की बैठकों में बिजली विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि स्कूलों के ऊपर से गुजर रही सभी हाईटेंशन और लो-टेंशन लाइनों को प्राथमिकता के आधार पर अन्यत्र शिफ्ट किया जाए। डीएम के कड़े रुख के बावजूद विद्युत विभाग के अधिकारियों ने इस संवेदनशील और जीवन-सुरक्षा से जुड़े मामले में धरातल पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की।

छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता

kanpur dehat school electric wires issue के चलते विद्यालयों में नामांकित हजारों मासूम छात्र-छात्राओं और शिक्षण स्टाफ की सुरक्षा हमेशा दांव पर लगी रहती है। खासकर बरसात के मौसम में करंट उतरने और तारों के टूटने का भारी जोखिम बना रहता है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार पाण्डेय ने स्कूलों की अद्यतन सूची पुनः बिजली विभाग को उपलब्ध कराते हुए मांग की है कि संबंधित अवर और सहायक अभियंताओं को निर्देशित कर युद्धस्तर पर लाइनों को शिफ्ट कराया जाए, ताकि किसी भी संभावित बड़े हादसे को समय रहते रोका जा सके।


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