प्रशस्त 2 ऐप पर शिक्षकों की ढिलाई से हड़कंप: स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने जारी किए 4 सख्त निर्देश, 40 मिनट का वीडियो देखना अनिवार्य
प्रदेश भर में केवल 1.54 लाख शिक्षकों ने किया पंजीकरण, लक्ष्य से काफी पीछे रहने पर बीएसए और एडी बेसिक को लगी फटकार
कानपुर देहात। परिषदीय और अशासकीय विद्यालयों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान और ट्रैकिंग को लेकर prashast 2 app teachers training में शिक्षकों द्वारा बरती जा रही लापरवाही पर उच्च स्तर से कड़ा रुख अपनाया गया है। उत्तर प्रदेश के समस्त बोर्डों, अशासकीय सहायता प्राप्त एवं मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के शिक्षकों के लिए प्रशस्त 2 ऐप पर उपलब्ध संवेदीकरण वीडियो देखना अनिवार्य किया गया था। इसके बावजूद शिक्षकों की उदासीनता और लचर प्रगति पर स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने अत्यंत नाराजगी व्यक्त की है।
तय लक्ष्य से काफी पीछे है शिक्षकों की संख्या
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार पूरे प्रदेश भर में अब तक केवल 1,54,982 शिक्षक ही पोर्टल से जुड़ पाए हैं, जो निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले बहुत कम है। इस सुस्त प्रगति पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए महानिदेशक ने सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को तत्काल सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
40 मिनट के 10 वीडियो देखना अनिवार्य
prashast 2 app teachers training के तहत बच्चों की स्क्रीनिंग और जांच प्रक्रिया शुरू करने से पहले प्रत्येक शिक्षक के लिए पोर्टल अथवा ऐप पर उपलब्ध 40 मिनट की अवधि के कुल 10 संवेदीकरण वीडियो देखना अनिवार्य किया गया है। इन वीडियो के माध्यम से शिक्षकों को दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान और सहायता के तौर-तरीके सिखाए जा रहे हैं।
लापरवाही बरतने पर होगी विभागीय कार्रवाई
महानिदेशक ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तय समय सीमा के भीतर अपने-अपने जनपदों में शत-प्रतिशत शिक्षकों की ऑनलाइन भागीदारी सुनिश्चित कराएं। जो शिक्षक तय समय पर प्रशिक्षण पूरा नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।



