वृक्ष लगाएं भी फिर बचाए भी वरना बारिश बन जाएगी इतिहास : संत कुमार दीक्षित
विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर सरवनखेड़ा विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय मंगटा द्वितीय में पेंटिंग प्रतियोगिता, लघु नाटिका और ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी आदि आयोजन किए गए। विद्यालय के बच्चों ने मिशन लाइफ के तहत गठित इको क्लब के द्वारा विद्यालय के बाहर और अंदर लगी वनस्पतियों के बारे में डिजिटल तरीके से जानकारी एकत्र की।

- विश्व पृथ्वी दिवस पर छात्रों ने क्यूआर कोड स्कैन कर ली वनस्पतियों की जानकारी, पेंटिंग बनाकर जीते पुरस्कार
कानपुर देहात। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर सरवनखेड़ा विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय मंगटा द्वितीय में पेंटिंग प्रतियोगिता, लघु नाटिका और ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी आदि आयोजन किए गए। विद्यालय के बच्चों ने मिशन लाइफ के तहत गठित इको क्लब के द्वारा विद्यालय के बाहर और अंदर लगी वनस्पतियों के बारे में डिजिटल तरीके से जानकारी एकत्र की। विद्यालय के अध्यापकों आशीष द्विवेदी, वरुण कुमार सरिता देवी ने उनका क्यू आर कोड बनाया और संबंधित पेड़ पौधों में लगाया।
इस अवसर पर उपस्थित एसआरजी अनंत त्रिवेदी ने बताया कि विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर छात्रों को रोचक तरीके से वृक्षों की जानकारी देने और डिजिटल अवेयरनेस बढ़ाने के लिए क्यू आर कोड का प्रयोग किया जाना है। जिससे कोई भी छात्र आसानी से मोबाइल से कोड को स्कैन कर संबंधित वृक्ष के नाम, लाभ, उपयोग और अन्य जानकारी प्राप्त कर सकता है। एसआरजी संत कुमार दीक्षित ने सभी बच्चों को उनके जन्मदिवस पर पेड़ लगाने और अगले जन्मदिन तक उसकी देखभाल करने की शपथ दिलाई। वरना आगे चलकर मानव के लिए सूर्य से तपती हुई पृथ्वी पर बारिश इतिहास बन जाएगी।
पर्यावरण पर आधारित पेंटिंग प्रतियोगिता में रिया प्रथम, पलक द्वितीय और शिवाँशी तृतीय स्थान पर रहीं। तीनों को वाटर कलर बॉक्स दिए गए। इको क्लब की रिया, इशिता, गोपी, जन्नतुन, और अंशिका आदि छात्राओं को उनके मंत्रिमंडल के विभाग के बैच भी प्रदान किए गए। लघु नाटिका में जन्नतुन ने मानव, इशिता ने पृथ्वी, गोपी ने सूरज और शुभी ने बारिश का अभिनय किया।
कहा कि वृक्ष लगाते हुए केवल फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर ना डालें बल्कि यह भी देखें कि आपका लगाया हुआ वृक्ष अगले दो-तीन वर्षों तक जीवित भी रहे। जिला समन्वयक प्रशिक्षण सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद के लगभग 1370 विद्यालयों में इको क्लब फॉर मिशन लाइफ की गतिविधियां संचालित की गई है। परियोजना द्वारा जारी दिशा निर्देशों के तहत विद्यालयों को कार्यक्रम की सूचना अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।



