कानपुर

कानपुर : एडवांस जीएसटी अधिसूचना से भड़के व्यापारी, बोले-जटिल प्रावधानों में उलझाने की साजिश

व्यापारी नेताओ ने कहा छोटे व्यापारी बिना बिक्री के एडवांस टैक्स जमा करने को बाध्य होंगे भले ही व्यापार चले या नहीं चले। विरोध प्रदर्शन करके केंद्रीय वित्त मंत्री को संबोधित ज्ञापन मंडलायुक्त कार्यालय में सौंपकर रोष जताया है।

कानपुर,अमन यात्रा । जनवरी 2021 से 35 फीसद एडवांस गुड्स एवं सर्विस टैक्स (जीएसटी) वसूलने की अधिसूचना जारी होने पर व्यापारियों में आक्रोश है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश प्रांतीय व्यापार मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने मंगलवार को विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता के नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को संबोधित ज्ञापन मंडलायुक्त कार्यालय सौंपा है।

उत्तर प्रदेश प्रांतीय व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार ने छोटे व्यापारियों के लिए (सालाना 5 करोड़ रुपये से कम) जनवरी 2021 से 3बी रिटर्न पिछली तिमाही को आधार बनाकर 35 फीसद एडवांस टैक्स जमा करने का प्रावधान किया है। कोविड काल में यह निर्णय व्यापारी विरोधी है। उनका कहना है कि सरकार ने मौका परस्ती दिखाते हुए बड़ी चालाकी से अक्टूबर से दिसंबर 2020 की तिमाही को आधार बना लिया। वर्ष 2020 में कोरोना के चलते साल भर व्यापार चौपट रहा, जब दीपावली में छोटे व्यापारियों को कुछ राहत मिली तो सरकार ने इस तिमाही को आधार बना लिया है।

 

नगर अध्यक्ष जितेंद्र जायसवाल ने कहा की अधिसूचना के बाद छोटे व्यापारी बिना बिक्री के एडवांस टैक्स जमा करने को बाध्य होंगे। भले ही व्यापार चले या नहीं चले। इससे व्यापारियों को फिर से जीएसटी के जटिल प्रावधानों में उलझाने की कोशिश की गई है। इसमें धारा 50 के तहत ब्याज, पेनाल्टी आदि लागू होंगे, जिससे इंस्पेक्टर राज बढ़ेगा और छोटे व्यापारियों का उत्पीड़न भी होगा। प्रदर्शन करने वालों में मनोज चौरसिया, शेषनाथ यादव, राजेन्द्र मोबाइल, शुभ गुप्ता, सहज प्रीत सिंह, आज़ाद खान, रचित पाठक, उमा शंकर, मोहम्मद इरशाद, सूरज भान सिंह, नाशिम खान, सद्दाम हुसैन एवं रिवज़वान रिजवी समेत बड़ी संख्या में व्यापारी नेता शामिल हुए।

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