कानपुर देहात: भोगनीपुर सर्किल के थानेदारों की SP श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने ली क्लास, पेंडिंग विवेचनाओं पर दिया अल्टीमेटम
जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने शुक्रवार को कड़ा रुख अख्तियार किया।

कानपुर देहात: जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने शुक्रवार को कड़ा रुख अख्तियार किया। पुलिस कार्यालय में आयोजित एक अहम समीक्षा बैठक में उन्होंने सर्किल भोगनीपुर के तहत आने वाले थानों की पेंडिंग फाइलों को खंगाला और जिम्मेदारों को सख्त हिदायत दी।
बैठक में थाना भोगनीपुर, मूसानगर, सट्टी और देवराहट के प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष और विवेचक मौजूद रहे। SP श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विवेचनाओं में लेत-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक की बड़ी बातें:
चार्जशीट में देरी न हो: SP ने दो टूक कहा कि लंबित विवेचनाओं का निस्तारण सिर्फ कागजी खानापूर्ति न हो, बल्कि वह गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी होना चाहिए। चार्जशीट को समयबद्ध तरीके से कोर्ट में दाखिल करें।
महिला अपराधों पर जीरो टॉलरेंस: महिलाओं से जुड़े अपराधों की फाइलों पर धूल न जमे। ऐसे मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्य (Scientific Evidence) तुरंत जुटाए जाएं ताकि पीड़ियों को जल्द न्याय मिले और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा हो।
शिकायतों का त्वरित निपटारा: जनता से जुड़े आवेदन पत्र और शिकायतों को लटकाने की आदत छोड़नी होगी। तय समय सीमा के भीतर इनका समाधान होना चाहिए।
सड़कों पर दिखनी चाहिए पुलिस: सिर्फ फाइलों तक ही नहीं, बल्कि मैदानी पुलिसिंग (Field Policing) को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। सर्किल के सभी थाना प्रभारियों को आदेश दिया गया है कि:
सघन चेकिंग: अपने क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की रैंडम और सघन चेकिंग अभियान चलाएं।
पैदल गश्त: शाम और रात के वक्त नियमित पैदल गश्त बढ़ाएं, ताकि आम जनता में सुरक्षा का भाव रहे और अपराधी अपनी हद में रहें।
पुलिस अधीक्षक ने बैठक के अंत में साफ कर दिया कि अभियोजन के हित में विवेचना की क्वालिटी से समझौता नहीं होगा और अपराध नियंत्रण के लिए अब ‘कठोर और प्रभावी’ कार्रवाई ही एकमात्र विकल्प है।


