आतंकियों का कोई धर्म या संप्रदाय नहीं होता है ये केवल आतंकी होते हैं: जितेंद्र प्रताप सिंह चौहान
जिला बार संगठन के तत्वावधान में आयोजित की गई शोक सभा

- निर्दोष नागरिकों की हत्या से अधिक जघन्य अपराध नहीं हो सकता
सुशील त्रिवेदी,कानपुर देहात: आतंक का कोई धर्म, कोई सम्प्रदाय नहीं होता, यह केवल मानवता का शत्रु है।यह बात अब हर नागरिक को गहराई से समझनी होगी। जब तक समाज धर्म और जाति की दीवारों से ऊपर उठकर एकजुट नहीं होगा, तब तक आतंक को समाप्त करना कठिन रहेगा। यह बात सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान ने दिल्ली में हुए आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष नागरिकों के प्रति जिला बार एसोसिएशन कानपुर देहात के तत्वावधान में आयोजित शोक सभा में कही उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुआ यह जघन्य आतंकवादी हमला देश की आत्मा को झकझोर देने वाला है। दस निर्दोष नागरिकों की असमय मृत्यु और अनेक लोगों के घायल होने की यह घटना मानवता के लिए एक काला अध्याय है।
जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा कि आतंकवाद केवल गोली से नहीं, बल्कि न्याय, एकता और राष्ट्रीय संकल्प की शक्ति से हारता है। उन्होंनेकहा कि यह हमला केवल लोगों की जान पर नहीं, बल्कि भारत की एकता, शांति और न्याय की नींव पर किया गया प्रहार है। उन्होंने कहा कि जिला बार एसोसिएशन केंद्र और राज्य सरकार से मांग करता कि इस हमले के पीछे छिपे सभी आतंकी नेटवर्क का शीघ्र व कठोर अनावरण कर, दोषियों को उदाहरणीय दंड दिलाया जाए।
संचालन महामंत्री घनश्याम सिंह राठौर ने किया प्रमुख रूप से पूर्व अध्यक्ष सम्पत लाल यादव रमेश चन्द्र सिंह गौर मंत्री सर्वेंद्र सिंह यादव नीलू यादव वैभवकांत मिश्र प्रमोद नायक अभिषेक सविता सद्दाम हुसैन रोहित शुक्ला जितेन्द्र निषाद जितेन्द्र बाबू मनमोहन सिंह गौर योगेन्द्र प्रताप सिंह चौहान अमित शुक्ला रहे।



